DAILY BALOD NEWS

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आज़ादी की कहानी, डाक टिकटों की ज़ुबानी, अरिहंत अकैडमी में लगी 1857 से 1947 के दौर की डाक टिकट प्रदर्शनी

बालोद। आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर देश के बच्चों अर्थात् भावी युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के महत्व को समझाने हेतु अरिहंत अकैडमी स्कूल बघमरा में डाक टिकट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। डाक टिकटों के माध्यम से 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दीवानो से लेकर 1947 तक के सेनानियों की गाथा, विभिन्न आंदोलन एवं देश के विभाजन तक की घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। देश की आज़ादी में विभिन्न साहित्यकारों, कवियों, संत महात्माओं, पत्रकारों, समाचार पत्रों एवं सामाजिक संस्थाओं के योगदान को रेखांकित किया गया है। अंग्रेजों की ग़ुलामी से मुक्ति हेतु राष्ट्रवादीयो में जोश लाने दिये विभिन्न नारे जैसे “स्वतन्त्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”, “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” एवं जय जवान जय किसान ने जादू का काम किया।

भारत छोड़ो आंदोलन, नमक सत्याग्रह एवं रेशमी रूमाल आंदोलन पर जारी डाक टिकट भी प्रदर्शित किये गये।नगर के वैरिष्ठ डाक टिकट संग्राहक डा प्रदीप जैन के इन टिकटों को विगत दिनों प्रगति मैदान में अमृतपेक्स में भी प्रदर्शित किया गया था। बालोद की एकमात्र सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल अरिहन्त अकैडमी के बच्चों एवं स्टाफ सदस्यों ने रुचिपूर्वक संग्रह को देखा एवं सराहा। सभी ने मिली नयी जानकरियों को रोचक बताया। उक्त जानकारी शाला के प्राचार्य आलोक श्रीवास्तव ने दी।

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