भोपाल। ओबीसी महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित गांधी भवन में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से प्रदेश पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य शामिल हुए। अधिवेशन में यूजीसी विनियम 2026 के समर्थन के साथ-साथ राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी वर्ग की पृथक गणना, लंबित ओबीसी आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय अधिवेशन में उपस्थित कोर कमेटी के सदस्यों ने संगठन के अधिकार आंदोलन को गति देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की। इसमें देशभर में रैली, ज्ञापन, जनजागरूकता अभियान और चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि संगठन के निर्णयों को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती मिल सके।
राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी गणना का मुद्दा गरमाया
अधिवेशन के दौरान राष्ट्रीय जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण हेतु निर्धारित 33 बिंदु प्रश्नावली के बिंदु क्रमांक 12 में ओबीसी वर्ग की पृथक जानकारी शामिल नहीं किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। महासभा के पदाधिकारियों ने इसे ओबीसी समाज की उपेक्षा बताते हुए कहा कि यदि पृथक गणना नहीं की गई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन का रुख अपनाएगा।
इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनदबाव बनाने और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए रणनीति तैयार की गई। अधिवेशन में यह भी तय किया गया कि जनगणना प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग की सटीक गणना सुनिश्चित कराने के लिए ज्ञापन, जनसंवाद और आंदोलन चलाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ से पहुंचे पदाधिकारियों ने दिलाया संकल्प
छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा अधिवेशन में देशभर से आए पदाधिकारियों को प्रतिज्ञा का वाचन कर संगठनात्मक एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया गया।
अधिवेशन में छत्तीसगढ़ राज्य से प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम, प्रदेश महासचिव यज्ञदेव पटेल, प्रदेश कोषाध्यक्ष महावीर कलिहारी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा खिलेश्वरी, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा भगवती सोनकर, बस्तर जिला अध्यक्ष रघुवंश यादव, शक्ति जिला अध्यक्ष खेमराज कश्यप तथा राजनांदगांव जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा क्रांति मौर्या सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
राष्ट्रीय अधिवेशन में लिए गए निर्णयों को आगामी दिनों में धरातल पर लागू करने और ओबीसी वर्ग के अधिकारों को मजबूत करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
