विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री सतीश विश्वकर्मा के अवतरण दिवस पर बजरंग दल जिला संयोजक बालोद उमेश कुमार सेन ने करवाए वृक्षारोपण, शहर सहित गांवों में हरियाली बिखेरने हुई पहल



बालोद। विश्व हिंदू परिषद सह मंत्री सतीश विश्वकर्मा के अवतरण दिवस पर बालोद शहर के वार्ड क्रमांक 7 वार्ड क्रमांक में वृक्षारोपण किया गया। इस जन्म दिवस पर महेंद्र सोनवानी मोनू विश्व हिंदू परिषद और विनोद गिरि गोस्वामी धर्माचार्य विश्व हिंदू परिषद ने भी बधाई शुभकामनाएं दी और ज्यादा से ज्यादा बजरंगी और विश्व हिंदू परिषद के साथियों को अपने इलाके में पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया।

बालोद के साथ ही तीन गांव में भी वृक्षारोपण किया गया। रेवती नवागांव से कुशल पटेल देवेंद्र कुमार लोकेंद्र कुमार कामता पटेल और लाटाबोड में श्रीधर यदु , पुष्पेंद्र साहू श्रेयांश यादव, इशांत ,पंकज साहू झलेंद्र साहू ने पौधे लगाए। बालोद शहर वार्ड क्रमांक 7 में वृक्षारोपण में राजू पिल्ले बबलू खान बबलू बघेल बिरेंद्र यादव मोहन शिसुपल साहू सारथी गेदू उके रामजी यादव बलवंत ढीमर सहित मोहल्ले वासी शामिल थे।
वृक्ष लगाने के साथ-साथ उन को सुरक्षित भी किया गया। वार्ड क्रमांक 7 में 20 पेड़ लगाए गए।

बजरंग दल बालोद जिला संयोजक उमेश कुमार सेन ने बताया वृक्ष लगाने के क्या-क्या फायदे है

पेड़ पर्यावरण का एक अनिवार्य हिस्सा है। धरती पर पेड़ों और पौधों के अस्तित्व के बिना मनुष्य और जानवरों की अन्य प्रजातियों का अस्तित्व संभव नहीं है। यही कारण है कि पेड़ों को काटने की निंदा की जाती है वहीं सरकार एवं अन्य सामाजिक राजनैतिक संगठन अधिक से अधिक पौधे को लगाने का प्रचार करते हैं ताकि पर्यावरण का स्वच्छ रहना अत्यंत आवश्यक होता जा रहा है इसी दिशा में इस साल बजरंग दल जिला बालोद के संयोजक उमेश सेन ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए सभी कार्यकर्ताओं को कम से कम 2 पौधे पूरे देखभाल के साथ लगाने की अपील की है. जो कि आने वाले बारिश में एक निश्चित तारीख तय कर किया जाना है. पर्यावरण के लाभ की जानकारी देते हुए उमेश सेन ने बताया कि ऑक्सीजन का स्रोत वृक्ष लगाने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि वे कार्बन डाइऑक्साइड और श्वास को ऑक्सीजन का आदान-प्रदान करते हैं। पर्यावरण में ऑक्सीजन की जरूरत सभी को ज्ञात है। हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं। पेड़ न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है। इन दिनों वाहनों और औद्योगिक फैक्ट्रियों से बहुत प्रदूषण निकल रहा है। अधिक से अधिक पेड़ लगाने से प्रदूषित हवा से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। जलवायु को शांत रखते हैं
पेड़ पर्यावरण को शांत रखते हैं। वे गर्मी के असर को कम करने में मदद करते हैं। उनसे प्राप्त ठंडक का असर ऐसा है कि यह आसपास के स्थानों में 50% तक एयर कंडीशनर की आवश्यकता को कम कर सकता है। आश्रय प्रदान करते हैं पक्षी पेड़ों पर घोंसलों का निर्माण करते हैं जिससे उन्हें आश्रय मिलता है। भोजन उपलब्ध कराते हैं। पेड़ों पर फल लगते हैं जो पक्षियों, जानवरों और मनुष्यों के लिए भोजन हैं। गाय, बकरियां और अन्य शाकाहारी जानवर भी वृक्षों के पत्ते खाते हैं।वायु और जल प्रदूषण नियंत्रित करते हैं। वृक्ष वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हानिकारक गैसों को न केवल अवशोषित करते हैं बल्कि जल प्रदूषण को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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