सड़क निर्माण के लापरवाही को लेकर करने वाले थे आंदोलन, प्रशासन के आश्वासन के बाद मामला शांत



बालोद। नेशनल हाइवे निर्माणाधीन सड़क से होने वाली समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों द्वारा जनपद सदस्य संजय बैस के नेतृत्व में आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने मामले में सुलह कराई और आंदोलन स्थगित किया गया। कल एसडीएम कार्यालय की घेराव जनपद सदस्य संजय बैस के नेतृत्व के आंदोलन होने वाला था। इस चेतावनी के बाद ग्राम पंचायत अरमुरकसा में एसडीएम मनोज मरकाम जनपद सदस्य संजय बैस एवम ग्रामीण जनों के साथ बैठक हुई। सरपंच सरोज बालेन्द्र ने गांव की समस्या से अवगत कराया। जिसे एसडीएम ने कल से कार्य प्रारंभ कराने की बात पर आंदोलन को निरस्त किया।

क्या थी समस्या

संजय ने बताया मेरे जनपद क्षेत्र ग्राम पंचायत अरमुरकसा में नेशनल हाइवे सड़क बनने से समस्याओं का अंबार हो गया है। हम ग्रामीण जन शासन प्रशासन को अवगत करा चुके है और एन एच के अधिकारियों द्वारा सिर्फ हमें आश्वासन मिला है। हमारी बातों को नजर अंदाज किया जा रहा है। जिसमें हम ग्रामीण जनो को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिये बुधवार 28 जून को ग्राम पंचायत अरमुरकसा से पूरे ग्रामीण जन पद यात्रा कर एस.डी. एम कार्यालय दल्लीराजहरा का घेराव करने और 30 जून को चक्काजाम करने लिये हम बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी । ऐसा चेतावनी दी गई थी।

ये हैं मांगे :-

  1. नेशनल हाइवे सड़क की हाइट बढ़ने से बस्ती नीचे हो गया है। बारिश का जल भराव घरों में घुस रहा है। दोनो तरफ नाली निर्माण किया जाए
  2. मुख्य सड़क से लगे तलाब पार एवं पचरी को तोड़ दिया गया है। नेशनल हाइवे के ठेकेदार द्वारा जबकि इस तालाब पर 100 एकड़ रकबा से अधिक जमीन का पानी का निस्तार होकर इसी तालाब पर आता है और इस तालाब में पार नही होने से नेशनल हाइवे की सड़क भी उखड़ सकती है ।
  3. अरमुरकसा के मेन रोड से बस्ती जाने वाली सभी मार्ग को संधारण किया जाये और पूरे ग्रामीण जनों का आवाजाही की समस्या हो रही है और ग्रामीण जनों का कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

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