बालोद। किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), बालोद, जिला बालोद (छ.ग.) द्वारा आरोपी ललित दास मानिकपुरी पिता फिरतु दास, उम्र 22 वर्ष, निवासी जागृति नगर बीरगांव रायपुर, थाना उरला, जिला रायपुर (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 376 व लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के अपराध में बीस वर्ष का सश्रम कारावास, भा.द.वि. की धारा 363 के अपराध में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व भा.द.वि. की धारा 366 के अपराध में पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा कुल सात हजार रू० का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी छन्नू लाल साहू विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :- शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता पीड़िता के पिता के द्वारा दिनांक 29.08.2019 को रात्रि 22:30 बजे थाना गुरूर, जिला बालोद में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसी दिनांक को वह अपने निजी काम से ग्राम करहीभदर चला गया। शाम को वापस घर आने पर उसका पुत्र उसे बताया कि उसकी दीदी पीड़िता स्कूल पढ़ने के लिये गुरूर जा रही हूं कहकर सुबह 9:30 बजे घर से निकली थी, जो अभी तक वापस नहीं आयी तब वह पीड़िता को आसपास के पड़ोस व रिश्तेदारों में पता किया, किंतु कोई पता नहीं चला। उसकी नाबालिग लड़की / पीड़िता को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा विधिपूर्ण संरक्षण से बिना संरक्षक के अनुमति के बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। दरम्यान विवेचना के आरोपी ललित दास मानिकपुरी द्वारा पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। पीड़िता को आरोपी के घर से बरामद कर उनका कथन लिया गया, जिसमें पीड़िता ने यह कथन किया है कि वह गर्मी की छुट्टी में अपने मौसी के गांव उरला दुर्ग शादी में गयी थी, जहां उसकी मुलाकात आरोपी से होने पर एक-दूसरे से बातचीत करते थे, तब आरोपी ने कहा था कि मैं तुमसे प्रेम करता हूँ और दोनों एक साथ रहेंगे। तब वह दिनांक 23.07.2019 को अपने मन से आरोपी के घर ग्राम सड्डू रायपुर चली गयी थी, जहां पर वह एक रात रुकी थी तथा उसके सड्डू में होने की सूचना आरोपी ने उसके घर में नहीं दिया था। ग्राम सड्डू में रहने के दौरान आरोपी पीड़िता के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाया था। पुलिस वाले द्वारा आरोपी के घर से पीड़िता को उसके कब्जे से बरामद कर थाना गुरूर लेकर गये थे। उक्त रिपोर्ट पर थाना गुरूर में विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक योगेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा अपराध क्रमांक 219 / 2019 अंतर्गत संहिता की धारा 363, 366, 376 एवं संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत् प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरुद्ध अपराध पाये जाने पर अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय में दिनांक 24.09.2019 को प्रस्तुत किया गया।
दिनांक 23.07.2019 को पीड़िता स्वयं अपने मन से आरोपी के घर ग्राम सड्डू में रहने के दौरान आरोपी पीड़िता के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाया था। परन्तु पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण अवयस्क बालिका द्वारा अपनी सहमति से आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाये जाने का कथन को माननीय न्यायालय द्वारा महत्वहीन माना है। उक्त आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
