DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने का कारगार माध्यम बन गया है जिले के ग्रामीण औद्योगिक पार्क

स्थानीय लोगों को रोजगार के समूचित अवसर मिलने से ग्रामीण बन रहे हैं आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त

करकाभाट के युवाओं ने कूलर एवं आलमारी निर्माण कर कमाए 65 हजार रुपए

जिले के 11 औद्योगिक पार्क में 26 से अधिक गतिविधियां संचालित

बालोद। राज्य शासन के महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क अपने स्थापना के उद्देश्यों पर सफलीभूत होकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का अत्यंत सुगम एवं कारगार माध्यम बन गया है। बालोद जिले में संचालित कुल 11 महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को उनके गांव एवं गांव के आसपास ही सहज रूप से रोजगार मिलने से ग्रामीण आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। जिले के सभी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के माध्यम से ग्रामीणों को समूचित रोजगार मिलने से पलायन की समस्या से मुक्ति मिल रही है। वास्तव में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों इस योजना का बहुत ही अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इस योजना के फलस्वरूप जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम करकाभाट में संचालित महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में आलमारी एवं कूलर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है। यहां पर 11 उद्यमी कार्यरत् है जिन्होंने प्रारंभिक प्रशिक्षण के दौरान ही 70 कूलर एवं 72 आलमारी का निर्माण कर कुल 65 हजार रुपये का आय अर्जित की है। वास्तव में इतने कम अवधि में इतनी बड़ी आय अर्जित करना इस योजना के सफलता को बयां करती है। जिससे ग्रामीण औद्योगिक करकाभाट में कार्यरत् उद्यमी काफी उत्साहित है।
ग्रामीण औद्योगिक पार्क करकाभाट में कार्यरत् उद्यमी विजय कुमार ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हमारे द्वारा पिछले एक माह से कूलर एवं आलमारी का प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है। यहां हमें प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार का भी साधन प्राप्त हो रहा है। जिससे हमें अपने कौशल से संबंधित कार्य करने हेतु अन्य स्थानों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, अब हमें गांव में ही रोजगार मिल रहा है। उन्होंने अपने ग्राम करकाभाट में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है। इसके अलावा उन्होंने उनकेे द्वारा निर्मित किए जा रहे सामग्रियों के बिक्री के लिए सतत् सहयोग, प्रोत्साहन एवं जरूरी मदद प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के अन्य महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में भी ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने हेतु विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे है। जिसमें से प्रमुख रूप से मिलेट, चिक्की, अपेरल पार्क (रेडिमेट वस्त्र), कूलर आलमारी निर्माण, नॉन वूवेन बैग, बेकरी उत्पाद, राइस वैल्यू एडेड प्रोडक्ट एवं कृषि आधारित प्रसंस्करण इकाई के साथ-साथ एलोविरा जूस, लेमन ग्रास ऑइल केला तना रेशा के अलावा क्लीनिंग मटेरियल झाडू मोप, फिनाईल डिटर्जेंट केक एवं पावडर आदि 26 गतिविधियाँ संचालित है। वर्तमान में यहाँ पर 206 उद्यमी कार्यरत है जिसमें 140 महिला एवं 66 पुरुष शामिल है। इन सभी स्थानों पर 01 माह के अल्प अवधि में निर्माण कार्य प्रारंभिक स्तर के दौरान ही 12 लाख रुपये का आय अर्जित किया गया है। जिससे प्रतिव्यक्ति 4800 रुपये औसत आमदानी प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा कार्यरत उद्यमियों के दक्षता बढ़ने के साथ-साथ आय में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

You cannot copy content of this page