DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

राहुल मामले की आड़ में कांग्रेस का अमर्यादित व अलोकतांत्रिक आचरण आपातकाल की याद ताजा कर रहा : भाजपा

भाजपा की दो टूक : कांग्रेस समझ ले कि पिछड़ा वर्ग के अपमान के लिए अभी जनता की अदालत में भी करारी सजा मिलेगी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कृष्ण कांत पवार ने कहा है कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध सूरत कोर्ट द्वारा मोदी सरनेम को चोर बताने वाली टिप्पणी के लिए मानहानि का दोष सिद्ध होने पर 2 वर्ष की सजा के फैसले और इस कारण संसद की सदस्यता रद्द किए जाने पर कांग्रेस के लोग जिस तरह का अमर्यादित और अलोकतांत्रिक आचरण कर रहे हैं, उससे सन 1975 के आपातकाल की याद ताजा हो चली है। उन्होंने कहा कि सन 75 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासकीय मशीनरी के दुरुपयोग का दोष सिद्ध होने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था। उस समय भी इंदिरा गांधी और कांग्रेस ने न्यायालय का निर्णय मानने के बजाय देश पर आपातकाल थोप दिया था और पूरे देश को जेल बनाकर रख दिया था।

भाजपा जिला महामंत्री द्वय देवेंद्र जायसवाल,किशोरी साहू ने कहा कि एक बार फिर पिछड़ा वर्ग के अपमान के कारण राहुल गांधी को हुई सजा और उसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार संसद सदस्यता खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के नेता न्यायपालिका और संविधान का सम्मान करने के बजाय छत्तीसगढ़ में आपातकाल के हालात बनाने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग का अपमान करने और मोदी सरनेम को चोर से जोड़ने के कारण मानहानि का दोष सिद्ध होने पर राहुल गांधी को हुई सजा का सत्य और तथ्य छिपाकर कांग्रेस के लोग अपने बयानों से राजनीतिक विषवमन कर एक तो न्यायालय और संविधान का खुलेआम अपमान करने की धृष्टता कर रहे हैं, दूसरे प्रदेश के राजनीतिक सद्भाव को दांव पर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सामान्य समझ की बात है कि निचली अदालत के फैसले से असहमति के बाद ऊपरी अदालत में अपील की जा सकती है, लेकिन पवन खेड़ा के मामले में 15 मिनट में ऊपरी अदालत पहुंच जाने वाली कांग्रेस ने अब तक ऊपरी अदालत का रुख नहीं किया है। इससे साफ है कि कांग्रेस राहुल गांधी मामले की आंच में राजनीतिक रोटी सेंकने की बदनीयती का प्रदर्शन कर रही है।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव व पिछडा वर्ग मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश सोनी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही कांग्रेसी खुद को न्यायपालिका और संविधान से ऊपर मान कर चलते रहे हैं और अपने इसी सत्तावादी अंधकार के चलते व न्यायपालिका, संविधान, संवैधानिक पदों और एजेंसियों के साथ-साथ अपने राजनीतिक विरोधियों को अपमानित और प्रताड़ित करना अपना अधिकार मान कर चलते हैं।भाजपा नेताओं ने दो टूक कहा कि कांग्रेस के सभी लोग यह स्पष्ट रूप से समझ लें कि अभी तो संवैधानिक अदालत ने सजा सुनाई है, पिछड़ा वर्ग के अपमान के लिए जनता की अदालत का फैसला आना अभी बाकी है, और यकीनन तब भी कांग्रेस को इसकी करारी सजा मिलेगी।

You cannot copy content of this page