DAILY BALOD NEWS

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जनवादी लेखक संघ जिला बालोद द्वाराएक दिवसीय कहानी एवं काव्य लेखन कार्यशाला आयोजित

बालोद। सुप्रसिद्ध साहित्यकार , छत्तीसगढ़ी कथा सम्राट डॉ.परदेशी राम वर्मा के मार्गदर्शन में जनवादी लेखक संघ जिला बालोद का “एक दिवसीय कहानी एवं काव्य लेखन कार्यशाला” का आयोजन अंचल के कवि व छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक डॉ.अशोक आकाश के गृह निवास कोहंगाटोला में आयोजित की गई।

कार्यशाला का शुभारंभ कवि अशोक आकाश के कोहंगाटोला स्थित गृह निवास श्रीहरि सदन में प्रातः 10:30 बजे मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन अर्चन के साथ हुआ। कार्यशाला का संचालन सचिव लव कुमार सिंह ‘आरव’ ने किया । कार्यशाला में अतिथि स्वागत पश्चात मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में मौजूद सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ परदेशी राम वर्मा ने कहानी एवं काव्य रचना की प्रेरणा एवं शुरुआत पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अपनी कुछ रचनाओं का जिक्र किया। कहानी कहानी कार्यशाला की शुरुआत श्री अशोक आकाश ने अपनी दो कहानियां ‘रज्जू’ एवं ‘मोर गांव के माटी चंदन’ का वाचन कर किया तत्पश्चात देवनारायण नगरिया ने अपनी कहानी ‘पुन’ एवं ‘बेटी के मया’ का वाचन किया। प्रस्तुत कहानियों के विवेचनात्मक विश्लेषण पश्चात कहानीकारों को अच्छी रचना हेतु शुभकामनाएं दी गई । डॉ.वर्मा ने कहानी लेखन पर प्रकाश डालते हुए कहानी के विभिन्न तत्वों व परिदृश्यों पर चर्चा करते साहित्यिक बारीकियों से अवगत कराते कहा_”साहित्यकार शब्दों के माध्यम से समाज का चित्र खींचता है, लेखक की कृति से समाज रुपी दर्पण में पड़ी परते खुलती है और समाज का चेहरा दमकने लगता है, साहित्यकार समाज में व्याप्त विकृतियों को दर्शाकर सुधार का संदेश देते समाज में सुधार का मार्ग प्रशस्त करता है, इस हेतु मार्ग में कई रोड़े आते हैं अतः हमें अपने कर्म पथ पर डटे रहना है। “कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य लेखन पर कार्यशाला की शुरुआत कवि डॉ एच डी महामल्ला, श्रीमती हर्षा देवांगन एवं भरत बुलंदी ने अपनी कविताओं का पाठ किया। काव्य लेखन हेतु आवश्यक तत्वों पर गहन चर्चा करते मुख्यअतिथि डॉ. परदेशी राम वर्मा ने इतिहास के पन्ने सेअष्टछाप कवियों की रचनात्मक उत्कृष्टता एवं शब्दावली का उल्लेख करते तुलसी, कबीर,सूरदास, केशवदास एवं रैदास की रचनात्मकता का उदाहरण देते कहा कि ऐसे कार्यक्रम से साहित्यकारों को श्रेष्ठ साहित्य सृजन हेतु प्रेरणा मिलती है।कार्यशाला में पाठ किये गये दोनो सत्र की कहानी एवं कविता के सत्र को सफल बताते कार्यशाला के प्रतिभागियों को उत्कृष्ट लेखन हेतु सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में हाल ही में परम ज्योति में लीन हुए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अकिंचन छात्रावास बालोद निवासी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् श्रद्धेय स्व.”अमृत दास”को भी श्रद्धांजलि दी गई।उपरोक्त एक दिवसीय कार्यशाला में कहानी एवं काव्य लेखन पर न केवल चर्चा की गई वरन् सृजनात्मकता हेतु अनुकूल वातावरण तैयार कर उभरते हुए रचनाकारों को प्रेरित भी किया गया। सभी प्रतिभागियों ने डॉ. वर्मा के मार्गदर्शन में इस एक दिवसीय कार्यशाला का भरपूर लाभ प्राप्त करते हुए हर्ष व्यक्त किया। डॉ.अशोक आकाश के आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई ।

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