दो दोस्तों की अनोखी कहानी, कहलाते हैं हवाई मैन, गांव देहात के लोगों की हवाई जहाज पर चढ़ने का सपना पूरा कर पहुंचाते हैं जगन्नाथ धाम, करवाते हैं समुद्र का भी दीदार



देवनारायण साहू बालोद। जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम देवरी के रहने वाले दो दोस्त अमोली राम साहू और घनश्याम गुप्ता इन दिनों हवाई मैन के नाम से जाने जाने लगे हैं। दरअसल में इन दोनों की जोड़ी गांव देहात के लोगों को हवाई जहाज की यात्रा करवाने के लिए चर्चा में हैं। दो बार में इन दोनों के सहयोग से 90 से ज्यादा लोग हवाई जहाज की यात्रा कर चुके हैं और वह भी खास जगह की। ओडिशा पुरी में स्थित जगन्नाथ धाम का दर्शन इन लोगों ने हवाई जहाज के जरिए पहुंचकर ग्रामीणों को करवाया। साथ ही समुद्र का दीदार कराया। गांव देहात के लोगों को हवाई जहाज से कैसे जाना है इसकी ज्यादा जानकारी नहीं होती है। यह दोनों दोस्त लोगों को मार्गदर्शन देते हैं। उनके टिकट और सफर का पूरा इंतजाम करते हैं। टीम बनाकर लोगों को सुरक्षित भ्रमण करवाते हैं। पूरी में अपने साथ गए सभी लोगों के रहने खाने का इंतजाम करते हैं। पहली बार हवाई जहाज चढ़ने का सपना पूरा होने से लोगों में खुशी का माहौल नजर आता है। दो बार वे लोगों को हवाई यात्रा करवा चुके हैं। जिससे इलाके के लोगों में उत्सुकता बढ़ने लगी है। और ज्यादा से ज्यादा लोग उनके साथ हवाई जहाज में जाने को लेकर योजना बना रहे हैं। हाल ही में 53 तीर्थयात्रियों के दल के साथ यह दोनों दोस्त पूरी गए थे। जिनमें 32 पुरुष, 21 महिलाएं शामिल थे। इन तीर्थयात्रियों में आधे से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक थे तो शेष किसान और मजदूर वर्ग के थे। सभी ने रायपुर से भुनेश्वर तक हवाई जहाज चढ़ने, पुरी में समुद्र देखने और जगन्नाथ धाम के दर्शन करने का लाभ उठाया। इस पल को अपने जीवन के लिए हमेशा के लिए यादगार बना लिया। दो दोस्त शिक्षक अमोली राम साहू और घनश्याम गुप्ता ने ही गांव के इन लोगों की इच्छा पूरी की और आगे भी इसी तरह के कार्य में संलग्न रहने की बात कहते हैं। हाल की हवाई यात्रा में किसान नेत राम साहू, शांति साहू, अमर मूल साहू, जीवनी साहू, कन्हैया साहू, द्वारिका साहू, गुपचुप वाले अनुज साहू,कुंती साहू सहित सेवानिवृत्त शिक्षक अलख राम साहू, सरोज साहू आदि शामिल रहे I जो यात्रा पूरी कर घर लौटने के बाद काफी आनंदित हैं।

बुजुर्गो को यात्रा करवाना है विशेष मकसद

हवाई जहाज की यात्रा में खास बात यह है कि अब तक जितने भी लोग गए उनमें आधे से ज्यादा बुजुर्ग रहे हैं। कई लोग जो समय नहीं होने के कारण अपने माता-पिता को नहीं ले जा पाते ऐसे लोग भी अमोली राम साहू और घनश्याम गुप्ता के साथ बुजुर्ग माता-पिता को भेजकर उनकी इच्छा पूरी कर रहे हैं। दोनो दोस्त परिवार की तरह देख भाल करते हुए सबको यात्रा कराते हैं।

अपनी मां की इच्छा पूर्ति के साथ की शुरुआत

अमोलीराम के बुजुर्ग माता-पिता की अंतिम इच्छा हवाई यात्रा करने की थी, लेकिन तंगी के चलते वे इसे पूरी नहीं कर पा रहे थे। यह बात आज से करीब छह साल पहले की है। इस बीच बीमारी के चलते पिता का देहांत हो गया। उनके जाने के बाद अमोलीराम को यह बात हमेशा कचोटती रहती थी कि वे पिता की अंतिम इच्छा पूरी नहीं कर पा पाए। हालांकि इसके बाद उन्होंने ठान लिया था कि मां को हवाई यात्रा अवश्य कराएंगे। इस वर्ष उन्होंने इसकी योजना बनाई और मां रेवती बाई साहू (75) और अपने लिए जगन्नाथपुरी की हवाई टिकट कराई। उन्होंने इसकी जानकारी गांव के चौपाल में देते हुए गांव के अन्य बुजुर्गों को भी हवाई यात्रा कराने की सलाह दी। गांव के कई परिवारों को उनकी बात जच गई। इस तरह पहले चरण में नवरात्रि के समय एक-एक कर गांव के 40 बुजुर्गों यात्रा करवाई गई थी।

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