बालोद। मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी नीरज यादव आ० रामप्रताप यादव, उम्र 21 वर्ष, निवासी वार्ड क्र० 04 एकलब्य नगर ट्यूबलर सेट राजहरा, थाना राजहरा, जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 376 व संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व 3,000/- रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया ।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार पीडिता की माता द्वारा 29 जून 2020 को थाना राजहरा आकर लिखित आवेदन पेश की, कि आरोपी नीरज यादव उनकी नाबालिक बेटी के साथ शादी का प्रलोभन देकर माह मार्च से आज दिनांक तक लगातार शारीरिक संबंध बनाया है। उप निरीक्षक सरिता तिवारी के द्वारा पीड़िता की माता के लिखित आवेदन के अनुसार अभियुक्त पहले अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्र० 266 / 2020 अंतर्गत संहिता की धारा 366, 376 (2) (एन), 376 (3) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में दिनांक 26 अगस्त 2020 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक टी. एस. पट्टावी द्वारा किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस वाले पीडिता का कथन लिया गया जिसमें पीडिता बतायी कि जनवरी 2020 में मुझसे प्यार करता हूँ और शादी करना चाहता हूँ कहने पर पीड़िता फोन से बातचीत करने लगी, होली के पहले रात के 11-11:30 बजे फोन करके घर के पास घुरवा से लगा हुआ सार्वजनिक शौचालय की परछी में बुलाकर उसके मना करने के बाद भी जबरदस्ती दुष्कर्म किया। उसके बाद 21 मई को आरोपी 11:30 बजे अपने घर बुलाया और शादी का प्रलोभन देकर उसके मना करने के बाद भी जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। 28 जून .2022 को रात 1:00 बजे फिर अपने घर बुलाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया । परन्तु उपरोक्त स्वीकारोक्ति का कोई लाभ अभियुक्त को नहीं दिया गया। क्योंकि नाबालिग स्त्री की सहमति महत्वहीन होती है। उक्त आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

