शिवमय हुआ कुसुमकसा, मनाई गई शिवरात्रि, निकली शिव की बारात,झूमे भक्त



दल्लीराजहरा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर कुसुमकसा तालाब पारा शिव मंदिर में धूमधाम से शिव रात्रि मनाया गया। शिव रात्रि के दिन पहले ही महिलाओं ने पूरे रात जग कर ॐ नमः शिवाय का जाप कर पूरे रात भर शिव आराधना किए। शिव रात्रि के दिन सुबह 4 बजे से शिव भक्त तलाब में ही स्नान कर दीप दान मां गंगा का ध्यान करते हुए पूजा पाठ प्रारंभ हो गया। रुद्रा अभिषेक के साथ हवन पूजन विधि विधान से किया गया। उसके बाद तलाब पारा निवासी धूमधाम गाजे बाजे के साथ शिव बरात निकाले। शिव के बरात में शामिल होने पूरे ग्रामीण जन उमंग के साथ जुटे शिव जी के वेश सजे सौम्य बैस वास्तव में शिव जी की मूरत समा गई है, वैसे ही मनोरम लग रहे थे। सारे लोग नाचते झूमते दुर्गा मंदिर पहुंचे।

दुर्गा मंदिर सीमित डाक्टर भूपेंद्र मिश्रा मोहन दास मानिकपुरी मनीष बैस के अगवानी में बरातियों का जोशीला स्वागत किए। दुर्गा मंदिर को मां पार्वती जी का मायका बनाया गया था। इस आयोजन के ग्रामीण जनों को संबोधित करते हुए जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा आज पूरा कुसुम शिव मय हो गया। ऐसे आयोजनों से धर्म के प्रति आस्था प्रबल होता है। मैं तलाब पारा के लोगो के प्रथम प्रयास की सराहना करता हूं। बहुत ही सुंदर शिव विवाह का आयोजन हुआ।

शिवरात्रि के दूसरे दिन महा भंडारा का आयोजन हुआ। इस आयोजन में कुमारी बाई पड़ौती, विमला चंद्राकर, कमला बैस, गायत्री मानिकपुरी, खेमिन निर्मलकर, मंजू बैस, पिंकी पडौती, प्रभा मानिकपुरी, संतोषी पटेल,लाकेश साहू ,फुलेश्वरी मानिकपुरी, लक्ष्मी ठाकुर, निकिता बैस, मोनालिषा साहू, सोनम पटेल, सुधा पौड़ती,खूंजा माहला, गौरी शंकर साहू, गौतम साहू, राधे निर्मलकर का सहयोग रहा।

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