DAILY BALOD NEWS

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बसंत काव्य उत्सव का हुआ आयोजन

बालोद। नावेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में बसंत ऋतु के आगमन पर वात्सल्य भक्ति और श्रृंगार रसों से ओतप्रोत ‘ बसंत काव्य उत्सव ‘ कार्यक्रम का आयोजन संयोजक श्री अरुण कुमार साहू के संयोजन , कार्यक्रम प्रभारी टीएस पारकर तथा शिवकुमार अंगारे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम का शुभारभ सरस्वती वंदना टीएस पारकर व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसुमकसा से हुआ । तत्पश्चात एनटीटीएफ के संस्थापक स्वागत उद्बोधन करते हुए कहा इस संसार को गतिमान तो परब्रह्मा परमात्मा ही कर रहा है। ब्रह्म शक्ति ही सभी प्राणियों में विद्यमान हैं पर यह शक्ति जगत में विद्या ,बुद्धि , ज्ञान और वाणी के रूप में प्रकट होती है। जहां ज्ञान नहीं वहां जागृति नहीं जहां जागृति नहीं वहां नवीनता नहीं जहां नवीनता नहीं वहां आविष्कार और चैतन्यता नहीं वहां जीवन पशुवत हो जाता है इसलिए माता सरस्वती निरंतर अक्षरों के रूप में वाणी के रूप में ज्ञान अमृत की धारा प्रवाहित करती रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम में जब तक निरंतरता रहेगी तब तक श्रृजनता रहेगी। हम मुट्ठी भर ही सही पर सृजनधर्मी के रूप में आगे बढ़ते रहेंगे । उन्होंने अपनी मौलिक कविता से बसंती रंग घोल दिए
मांदर थाप मा, जवानी के जोश भरे , रितुआ बसंत आगे ….
तत्पश्चात मोहित कुमार शिक्षक पाटन द्वारा बहुत सुंदर कविता से नगाड़े का धूम मचा दिए। आगे-आगे बसंत ऋतु राजा बनके ,गांव गांव में नगारा के धूम गम के…। श्रीमती शोभा बेंजामिन सहायक शिक्षक पथरा टोला द्वारा बसंत पर सुंदर कविता सुनाइ बसंत की बसंत गई आभा ,तेरे आने की है अभिलाषा । शिवकुमार अंगारे द्वारा बहुत सुंदर गीत कोयली कूके डार डार मा, परसा फुलगे खार खार मा। शिक्षिका श्रीमती गायत्री द्वारा स्वरचित कविता पाठ किया। अंत में कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन टीएस पारकर ने किया।

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