बालोद। सरोज नंद दास, प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद (छ.ग.) के द्वारा लुमेश कोसरे पिता स्व. कनक प्रसाद कोसरे, उम्र 24 वर्ष, निवासी कोड़ेवा, थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 302 के आरोप आजीवन कारावास व 500/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण के तथ्य के बारे में चित्रांगद देशमुख, अतिरिक्त लोक अभियोजक बालोद ने बताया 08 अगस्त 2020 को बलदेव कोसरे थाना अर्जुन्दा में इस आशय की सूचना दिया था कि उसका छोटा भाई लुमेश कोसरे अपनी पत्नी कुंतीबाई के मध्य ट्रेक्टर चलाने और शराब पीकर आये हो कहकर आपस में झगड़ा विवाद कर रहे थे, तभी उसका छोटा भाई लुमेश कोसरे अपनी पत्नी को बहुत ज्यादा जबान लड़ाती है. तुम्हे आज जान से खत्म कर दूंगा कहकर कुंती बाई के सीना नाजुक जगह में 3-4 लात मार दिया, जिसके कारण कुंतीबाई बेहोश होकर परछी में गिर गई। फोन कर एम्बूलेंस बुलाया गया। डॉक्टर चेक करके बताये कि कुंतीबाई की मृत्यु हो गई है। उक्त सूचना पर मर्ग दर्ज कर विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा तैयार कर गवाहों को नोटिस देकर उनके समक्ष कुंतीबाई के शव का नक्शा पंचायतनामा तैयार कर उसके शव का परीक्षण कराया गया। जिसमें कुंतीबाई की मृत्यु “हत्यात्मक” प्रकृति का पाये जाने पर अभियुक्त के विरूद्ध अपराध पर पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, गुण्डरदेही में पेश किया गया। विचारण का क्षेत्राधिकार सत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण के दौरान डॉ० सत्येन्द्र कुमार मारकण्डे कुंतीबाई की मृत्यु सिर में चोट लगने से एवं लंग्स, हृदय व मस्तिष्क में अत्यधिक रक्तस्त्राव होना बताये। उक्त चिकित्सकीय साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
पत्नी के नाजुक सीने में पति ने मारी थी 4 लात, हो गई थी मौत, हत्या के आरोप में मिला आजीवन कारावास
