गुरुर। गुरुर ब्लॉक के युवा कवि, लेखक खुमान भट्ट रायपुर में अखिल भारतीय काव्य लेखन प्रतियोगिता में छठवां स्थान हासिल करने पर सम्मानित हुए।
अखिल भारतीय काव्य लेखन प्रतियोगिता में पुरे देश कुल 1102 प्रवृष्ठि थी। जिसमें छत्तीसगढ़ से चयनित तमाम 121 साहित्यकारों में से उनकी रचना “सिखते हैं बच्चे” को टाॅप टेन में षष्ठम स्थान प्रदान कर राजधानी रायपुर में उन्हें कलम को नई पहचान दिलाने के लिए ” साहित्य – गौरव “अलंकरण से अलंकृत किया गया। उन्हें वृंदावन सिविल लाइन रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय काव्य लेखन प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को रचनाकार सम्मान समारोह पर सम्मानित किया गया जिसमें पूरे देश से 1102 प्रविष्ठियां में कलाकारों ने अपने कलम का परिचय दिया था। जिसमें छत्तीसगढ़ से चयनित 121 रचनाकारों की श्रेणी में छठवां स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के तौर पर रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति केसरी लाल शर्मा शामिल हुए। इस दौरान केसरी लाल शर्मा ने साहित्यकारों से आवाहन करते हुए कहा कि हमारी दुनिया को बेहतर बनाने के लिए रचनाकार अपनी कलम चलाएं। समाज राज्य के लिए अपनी कलम चलाएं जिससे देश की प्रगति हो और दूसरों को प्रेरणा मिले। अध्यक्षता डॉक्टर करुणा कुर्रे ने की। विशेष अतिथि अशोक अग्रवाल एचडी डेहरी क्षेत्र से बछावत एवं हनुमंत लाल उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि रचनाकार में देश व समाज की दिशा को बदलने की सामर्थ होती है। छग की सामाजिक समरसता की परंपरा को सराहना करते हुए कहा रचनाकारों को इसे प्रतिस्थापित करना जारी रखना चाहिए। एकता मंच के अध्यक्ष राजेश परआते स्पर्धा का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार भिलाई के गोविंद पाल एवं उत्कृष्ट पुरस्कार रायपुर के रिक्की बिदास को प्राप्त हुआ
द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन भी हुआ। जिसमें काव्य पाठ करने का सुनहरा अवसर भी प्रदान किया गया। काव्य पाठ में भी भट्ट को बेहतर प्रदर्शन के लिए आश्वासन दिए और अंत मे उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए ससम्मान विदाई प्रेषित किया ।
अखिल भारतीय काव्य लेखन प्रतियोगिता में टॉप टेन में छठे स्थान पर आया खुमान भट्ट की रचना, रायपुर में हुए साहित्य – गौरव “अलंकरण से सम्मानित
