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क्या सोसायटी की भीड़- भगदड़ से बचा पाएगी टोकन तुंहर हांथ ऐप, धान खरीदी आज 1 नवम्बर से

जिले के सभी 138 धान उपार्जन
केन्द्रों में धान खरीदी की तैयारी पूर्ण

धान उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु अब तक 786 किसानों ने लिया टोकन

बालोद। राज्य शासन के दिशानिर्देश के अनुरूप जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के अंतर्गत 01 नवम्बर 2022 से धान खरीदी का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के सभी 138 धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 01 नवम्बर से 31 जनवरी 2023 तक धान खरीदी तथा 01 नवम्बर से 28 फरवरी 2023 तक मक्का खरीदी का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपार्जन केन्द्रों में 6455 गठान नवीन जूट बारदाने एवं 3036 गठान पीडीएस एवं मिलर (पुराने बारदाने) प्रदाय किया गया है। इस वर्ष धान की खरीदी 50 अनुपात 50 नवीन एवं पुराने बारदानों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पंजीकृत किसानों को धान विक्रय हेतु अपने पंजीकृत मोबाईल में आॅनलाईन धान विक्रय हेतु टोकन जारी करने का नया प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 101 धान उपार्जन केन्द्रों में समिति द्वारा 780 टोकन और किसानों द्वारा मोबाइल एप्प के माध्यम से 06 टोकन कुल 786 टोकन जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि खरीफ वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान काॅमन 2040 रूपये प्रति क्विंटल, धान ग्रेड ए 2060 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है।

क्या भीड़ और भगदड़ से बचा पाएगी यह ऑनलाइन सिस्टम

टोकन तुंहर हाथ नामक नया ऐप इस बार शासन ने लांच किया है लेकिन क्या यह किसानों को भीड़ और भगदड़ से बचा पाएगी। यह देखने वाली बात होगी। क्योंकि अभी तक मात्र छह सात लोग ही इसके जरिए टोकन कटवा पाए हैं। किसानों को इसके बारे में अभी ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है। शासन प्रशासन को इसके पर्याप्त प्रचार-प्रसार और किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पहल भी करनी होगी। पिछले साल बालोद के ही पिपरछेड़ी में भगदड़ से कई किसान और महिलाएं घायल हुई थी। इस घटना से प्रशासन की किरकिरी हुई थी।

छत्तीसगढ़ में एक नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत की जाएगी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदने सरकार जोर-शोर से तैयारी कर रही है। इस बीच प्रदेश के सभी जिलों में भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। किसानों के खरीदी केंद्र पहुंचने से लेकर बारदाने टोकन सारी व्यवस्थाएं की जा रही है। वहीं किसानो को लम्बी कतार से छुटकारा दिलाने सरकार एक नई व्यवस्था करने जा रही है। जिसके तहत टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए “टोकन तुंहर हाथ” एप लॉन्च किया गया है। इस ऐप के माध्यम से अब घर बैठे किसान टोकन लेकर नम्बर लगा सकते हैं।

सरकार का कहना है- किसानो को मिलेगा लाभ,

हर साल धान बेचने के लिए किसानों को टोकन के लिए धान खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते थे। जिसे कारण खरीदी केंद्रों में किसानों की लंबी कतारें लग जाती। किसान दिन रात जागकर अपनी बारी का इंतजार करते थे। जिसके चलते उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को समाप्त करने के लिए शासन की ओर से ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप को किसान अपने मोबाइल में डाउनलोड कर आसानी से टोकन प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को अब घर बैठे ही टोकन और धान बिक्री का सही समय उन्हें मोबाइल पर ही मिल जाएगा। इसके अलावा इस एप में जिले में खाद बीज से सम्बंधित जानकरी भी किसानों को मिलेगी।

खरीदी केंद्रों में ऑपरेटरों और किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग

इस ऐप को चलाने के लिए सोसायटी के कम्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से किसानों को धान खरीदी केंद्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी। जिस तरह से धान और मक्का खरीदी के लिए सोसाइटी में पंजीयन के पश्चात टोकन आवश्यक है। इस तरह टोकन लेने के लिए अब किसानों को मोबाइल में ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा। जिसके माध्यम अपने अनुसार समय निर्धारित कर टोकन के लिए अप्लाई कर सकेंगे। वही पंजीयन के आधार पर सोसायटी उन्हें मोबाइल पर ही टोकन भी जारी करेगी। इसके लिए कुछ निर्देशों का पालन करना होगा।जो एप में दिया गया है। इसके माध्यम से किसानों को समय और श्रम की बचत होगी। जिससे वे निर्धारित समय पर अपने धान को खरीदी केंद्र तक पहुंचा सकेंगे।

इस एप में मिलेंगी बैंक खाते की जानकारी

इस एप के माध्यम से किसानों को टोकन सबंधी जानकारी के अलावा, भूमि रकबा सबंधित जानकारी मिल सकेगी, इसके साथ किसान अपने बैंकों खाते में धान की राशि भी चेक कर सकेंगे, धान खरीदी , और किसानों को शासन के अन्य निर्देश भी इस एप के माध्यम से मिल सकेगी। एक किसान को सिर्फ 3 टोकन ही जारी किए जाएंगे। धान बेचने के लिए किसान को दिनांक का विकल्प चयन करना होगा।

बालोद में हुए हादसे से लिया सबक, 17 किसान हुए थे घायल

दरअसल बालोद जिले के सेवा सहकारी समिति पिपरछेड़ी खरीदी केंद्र में टोकन के लिए साल 2021 में भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में 17 किसान घायल भी हुए थे। तो कुछ को गम्भीर चोटें भी आई थी। एक ही दिन टोकन लेने के लिए गांव के सैकड़ों किसान पहुंच गए थे, किसानो को रोकने के लिए खरीदी केंद्र का दरवाजा बंद कर दिया गया था। केंद्र का दरवाजा बंद देखकर किसान आक्रोशित हो गए। और दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। इस भगदड़ से सबक लेकर शासन ने यह एप तैयार किया है।

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