कुसुमकसा। छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलो का ओलम्पिक ग्रामीण स्तर का ग्राम पंचायत किल्लेकोडा में मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद के मुख्य अतिथि में उदघाटन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजाराम तारम जनपद सदस्य व ललिता गावड़े सरपंच ग्राम पंचायत किल्लेकोडा ,अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ,कुमानसिंह कुरेटी , अजय मुखर्जी प्राचार्य ,गेंदलाल तारम ,विरेन्द्र कोलिहारा ,खेमुराम भंडारी , उत्तरा बाई कोरेटिया , यशोदा बाई पिसफा सुंदरलाल विश्वकर्मा ,एन आर सिन्हा ,बृज भंडारी के विशेष अतिथि में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ बजरंगबली के तैल चित्र में पूजा अर्चना कर किया गया।
मुख्य अतिथि के आसंदी से मिथलेश निरोटी ने छत्तीसगढ़ के कला ,संस्कृति ,व छत्तीसगढी खेलो को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ ओलम्पिक का आगाज किया है।बांटी,भौरा,पिट्टूल ,बिल्लस , जैसे छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल लुप्त हो गए थे उसे छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुनर्जीवित करते हुए राजीव युवा मितान क्लब का छत्तीसगढ़ के समस्त ग्राम पंचायतों में गठन कराकर उनके दिशानिर्देश पर छत्तीसगढ़ के 14 खेलों का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक पंचायत स्तर से राज्यस्तरीय तक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जहां ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ की कला,संस्कृति को भी नई पहचान देते हुए छत्तीसगढी व्यंजन ठेठरी,खुरमी,चीला जैसे व्यंजनों को जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा की कैंटीन भी महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़ के कला ,संस्कृति,खेल व्यंजन को नई पहचान देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को साधुवाद है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजाराम तारम ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के द्वारा छत्तीसगढ़ के लुप्त हो रहे खेलो को नयी पहचान देने के लिए छत्तीसगढ़ ओलम्पिक का आयोजन कराने की बात कही। उपस्थित अतिथियों ने फीता काटकर व बांटी खेल कर खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।इस अवसर पर देवेंद्र नारायण तारम अध्यक्ष राजीव युवा मितान क्लब किल्लेकोडा,मनोज कुमार ,दीपक भुआर्य ,सहदेव ,रूपेंद्र विश्वकर्मा ,गोपाल ,वीरेश कुमार ,ओमप्रकाश ,लोमश भंडारी ,गोपीचंद ,भगवान सिंह ,नारायण सिंह,किशोर कुमार ,परमानंद ,नारायण भंडारी ,लोमश भंडारी ,शांतिबाई राणा,उत्तराबाई ,सरिताबाई ,हेमलता ,रामेश्वरी बाई , सहित ग्रामीणजन ,शासकीय प्राथमिक ,माध्यमिक व हाईस्कूल शाला के छात्र-छात्राएं शिक्षक गण उपस्थित थे।










