योजना‘‘ का सीएम बघेल ने किया वर्चुअल शुभारंभ
पहले चरण में बालोद जिले के प्रत्येक विकासखण्ड के 02-02 गौठान ग्रामों में बनाया जाएगा ग्रामीण औद्योगिक पार्क
कलेक्टोरेट में आयोजित समारोह में संसदीय सचिव, विधायक
एवं अतिथियों ने किया विकास कार्यों का शिलान्यास
बालोद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर पुष्पअर्पित किया। श्री बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए इन दोनो महापुरूषों को सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश और मानव समाज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादूर शास्त्री का सदैव ऋणी रहेगा। श्री बघेल ने इस योजना को छत्तीसगढ़ के ग्रामीण स्वावलंबन के लिए ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी योजना बताया। इस दौरान कलेक्टोरेट सभाकक्ष बालोद में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, संजारी-बालोद की विधायक संगीता सिन्हा एवं अतिथियों ने ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ के अंतर्गत कुल 20 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में रीपा योजना के अंतर्गत पहले चरण में सभी पाॅचों विकासखण्डों के 02-02 गौठान ग्रामों में 02-02 करोड़ रूपए की लागत से जिले में कुल 10 ग्रामीण औद्योगिक पार्क का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम में कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत के सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति मीना साहू सहित जिला पंचायत सदस्य धनेश्वरी सिन्हा, केदार देवांगन, जनपद पंचायत गुण्डरदेही की अध्यक्ष सुचित्रा हेमंत साहू, जनपद पंचायत डौण्डी के उपाध्यक्ष पूनीत राम सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व अधिकारीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि भारत की आत्मा गाॅव में बसती है। आज ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ के माध्यम से गाॅव को आत्मनिर्भर बनाने की परिकल्पना साकार होने जा रही है। श्री निषाद ने ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ को राज्य शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए इसके उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बहुत ही दूरगामी एवं व्यापक है। श्री निषाद ने सभी जनप्रतिनिधियों को इस योजना को धरातल पर सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की। संजारी-बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार दिलाकर हमारे गाॅव को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने का अभिनव कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ के महत्व एवं उद्देश्य के संबंध में जानकारी देते हुए इसके सफल क्रियान्वयन हेतु व्यवहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी रीपा योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अपना बहुमूल्य सुझाव दिए।
उल्लेखनीय है कि ‘‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना‘‘ का मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का साधन बनाना है।
बालोद जिले में यहां होगा निर्माण
पहले चरण में प्रत्येक विकासखण्ड के 02-02 गौठान ग्रामों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसके अंतर्गत प्रत्येक गौठानों के लिए 02-02 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। पहले चरण में बालोद विकासखण्ड के गौठान ग्राम बरही एवं हथौद, डौण्डी विकासखण्ड के गौठान ग्राम अरमुरकसा और अवारी, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के गौठान ग्राम मार्रीबंगला और नंगुटोला, गुण्डरदेही विकासखण्ड के गौठान ग्राम गब्दी और कांदुल, गुरूर विकासखण्ड के गौठान ग्राम भोथली और छेड़िया में ग्रामीण औद्योगिक पार्क का निर्माण किया जाएगा।
क्या बोले शुभारंभ पर सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए गौठानों में एक से तीन एकड़ भूमि में पार्क के लिए आरक्षित की गई है। प्रथम चरण में प्रत्येक विकासखण्ड में दो गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार के बजट में इस योजना के लिए 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। स्वीकृत सभी रूरल इंडस्ट्रियल पार्काें को एक-एक करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से इन पार्काें में वर्किंग शेड और एप्रोच रोड के निर्माण के साथ बिजली-पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ युवाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। सुराजी गांव योजना के तहत विकसित किए गए गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण, मुर्गी पालन, बकरी पालन, कृषि और उद्यानिकी फसलों तथा लघु वनोपजों के प्रसंस्करण की इकाईयां स्थापित की जा रही है। साथ ही आटा-चक्की, दाल मिल, तेल मिल की स्थापना भी की जा रही है। इन गतिविधियों में ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और युवाओं को रोजगार के साथ आय के अच्छे साधन मिल रहे हैं। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी हो रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इस योजना के लिए नोडल विभाग बनाया गया है।
