बालोद। बालोद के एक ग्राम टेकापार में स्थापित शीतला मैया मंदिर लोगो का आस्था का केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों सहित आसपास के लोग भी मनोकामना पूर्ण होने जाने के विश्वास के साथ यहां आते हैं और देवी का दर्शन करते हैं तथा मुंह मांगी मुराद पाते है।
इस गांव के शीतला मंदिर में भक्तों और देवी मां के बीच आस्था और विश्वास का अनूठा बंधन देखने को मिलता है। लोगों की आस्था एवं मैया की महिमा से यहां भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है। इसे बनाने में ग्राम वासियों का तन , मन, धन एवं शीतला समिति के सक्रिय पदाधिकारियों का परिश्रम तथा भक्तों का विशेष योगदान रहा है। यह शीतला मंदिर(माता देवालय) ग्राम टेकापार में सामुदायिक सहभागिता का अनूठा मिशाल है। यहां शारदीय नवरात्रि में प्रांगण में जोत जलाया जाता है और जवारा बोया जाता है। छोटे से गांव में स्थापित इस मंदिर में भक्तों ने 112 मनोकामना जोत जलाए है।शीतला मंदिर प्रांगण में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। नवरात्रि के अवसर पर प्रतिदिन स्थानीय महिला एवम पुरुष सेवा दलों के द्वारा प्रतिदिन मां शीतला का सेवा गाया जाता है। पंचमी के दिन ,शीतला सेवा समिति और ग्राम वासियों के द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई।पंचमी पूजा में सहभागी बनने के लिए,महिला पुरुष एवं बच्चों का तांता लगा रहा। पूरी आस्था एवम श्रद्धा के साथ जोत जवारा का विसर्जन पारंपरिक रूप से नवमी के दिन किया जाएगा।


