बालोद। राज्य स्तरीय शिक्षा गौरव अलंकरण का आयोजन गोंडवाना भवन दुर्ग में हुआ। जहां बालोद सहित विभिन्न जिलों से आए 150 विशेष शिक्षकों का सम्मान किया गया।
शिक्षकों को उनकी विशिष्टता के आधार पर विभिन्न वर्गों में अवार्ड दिए गए। आयोजन के मुख्य अतिथि अरुण वोरा विधायक दुर्ग विधानसभा चेयरमैन स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन छत्तीसगढ़ ने सभी को सम्मानित करते हुए कहा
स्कूली बच्चों का भविष्य गढ़ने के राज्य स्तरीय शिक्षक सृजन गौरव अलंकरण का ये आयोजन उन्हें सामाजिक सरोकार से जोड़ने के लिए पूरी निष्ठा और लगन के साथ जुटे रहने वाले शिक्षकों का सम्मान वास्तव में शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का सम्मान है। सम्मानित शिक्षकों ने अपने अध्यापन शैली, विविध नवाचार एवं सामाजिक दायित्वों के माध्यम से नये आयाम स्थापित किए हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए बालोद से पहुंचे अरूण कुमार साहू अध्यक्ष एनटीसीएफ ने कहा कि आज के शिक्षकों का काम जंगल को कटने से बचाने के अलावा रेगिस्तान को सींचना है।
बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके मन की ऊर्जा को मजबूत करने की जिम्मेदारी है। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान पुरस्कार 2022 हेतु चयनित ऐसे शिक्षकवृंद जिन्हें विधायक ने मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया और यह उम्मीद जताई कि शिक्षा के क्षेत्र में सम्मानित शिक्षकों के कार्य अन्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय होंगे। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाली सभी शिक्षकों को वे शाला को सुव्यवस्थित रखने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी सहभागिता प्रदान करते हैं। सभी शिक्षक नवाचार का प्रयोग करते हुए बच्चों के विकास के लिए स्कूल में ही अतिरिक्त कक्षाएं लगाईं। उन्होंने स्कूल में शैक्षिणिक गतिविधियों के अलावा योग, व्यायाम, खेल-कूद, वृक्षारोपण, सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यों के साथ कार्य करते है।
इन वर्गों में दिया गया सम्मान
संस्था द्वारा बेस्ट स्काउटर/ गाइडर, बेस्ट काउंसलर जूनियर रेडक्रास, बेस्ट पर्यावरण मित्र, बेस्ट स्पोर्ट्स टीचर, बेस्ट प्रोजेक्ट टीचर, बेस्ट एक्टिविटी टीचर, बेस्ट क्राफ्ट टीचर, बेस्ट म्यूजिक टीचर, बेस्ट डांस टीचर, बेस्ट पोयट टीचर के रूप में सम्मान दिया गया। शामिल
राज्य के लगभग 150 से भी अधिक शिक्षक जो बालोद के अलावा रायगढ़ ,बिलासपुर, कोरबा बलोदाबाजार ,दुर्ग, जांजगीर चांपा , गौरेला मरवाही, राजनांदगांव ,खैरागढ़ ,कांकेर, मुंगेली , धमतरी ,कबीरधाम , महासमुंद, बेमेतरा से शिक्षक आए हुए थे। जिसका थीम राष्ट्र निर्माता शिक्षक था। इस आयोजन में मुख्य अतिथि अरुण वोरा विधायक दुर्ग के साथ ही विशिष्ट अतिथि युवा विधायक देवेंद्र यादव थे। अध्यक्षता अरुण साहू अध्यक्ष एनटीसीएफ ने की। विशिष्ट अतिथि शिशिरकना भट्टाचार्य पूर्व डाइट प्राचार्य दुर्ग, हंसा शुक्ला प्राचार्य शंकराचार्य महाविद्यालय हुडको, कीर्तन शुक्ला व्याख्याता हाई स्कूल गौरमाटी कबीरधाम थे।
अध्यक्ष ने बताया एनटीसीएफ का उद्देश्य
स्वागत उद्बोधन एनटीसीएफ के अध्यक्ष अरुण कुमार साहू जी ने कहा एनटीसीएफ़ शिक्षको की शैक्षिक गतिविधियों ,विचार, नवाचार,सृजन,सूचना,पुस्तको की समीक्षा ,शिक्षाविदो,वर्कशॉप, सेमिनार,सांस्कृतिक विरासत को लेकर चल रही संस्था है,जो
सिर्फ शिक्षको के लिए बनी फाउंडेशन है,जो मंच देकर निखारने का कार्य कर रही है,शिक्षा,शिक्षक और विधार्थी के बीच की कड़ी का काम कर रही है यह फाउंडेशन।
अरुण वोरा ने अपने उद्बोधन में कहे शिक्षक शब्द में एक सम्मान छुपा होता हैं।इसलिए शिक्षक को बहुत सम्मान के साथ देखा जाता हैं। शिक्षक सृजन कर्ता है, हमेशा मार्गदर्शक के रुप में समाज को नई दिशा ज्ञान बच्चों के लिए एक आदर्श के रूप में जीवन पर्यन्त रहता है। इसी कड़ी में
संगोष्ठी वक्ता के रूप में शिशिरकना भट्टाचार्य ने कहा शिक्षक को इसलिए हर कार्य के लिए चुना जाता है क्योंकि वह हर कार्य को सही तरीके से और जिम्मेदारी पूर्वक कार्यों का निर्वहन करती है। हंशा शुक्ला प्राचार्य शंकराचार्य महाविद्यालय ने कहा हमें बेटियों को पढ़ाना बहुत जरूरी है और समाज की वह हर तबके के बेटियों को आगे लाने का प्रयास करना चाहिए जो कि सिर्फ हमारे शिक्षक ही कर सकते हैं।
कीर्तन शुक्ला कबीरधाम ने कहा की हम शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जैसा नीव मजबूत होगी, वैसे ही संरचना भी मजबूत होगी।
आयोजन में इनकी रही सहभागिता
एन टी सी एफ के फाउंडर मेम्बर अरूण कुमार साहू, कैशरीन बेग, धर्मेंद्र कुमार श्रवण, कादम्बिनी यादव, मीना राजवाड़े , विवेक धुर्वे-बालोद, मधुमाला कौशल, प्रदीप सेन, बिंदियारानी गंगबेर, लक्ष्मी करियारे, मोहितराम बनपेला , सरस्वती गिरिया, सुरेंद्र कुमार सोनी , सुरेन्द्र कुमार, मानिकपुरी , प्रतिभा त्रिपाठी , लिली पुष्पा एक्का,आरिफ खान,खिलेश्वर गंजीर,डोलेश्वरी साहू, वैशाली साहू ,प्रीतिरानी तिवारी , गायत्री साहू, कमला वर्मा , सूरज श्रीवास ,चंद्रकांत साहू, नीलम कौर, टोमन लाल मालेकर,सरोजनी यादव,श्रद्धा शर्मा,प्रज्ञा सिंह,गीता शरणागत,आशा उज्जैनी,वीरेंद्र कुमार साहू,सुनीता हरिंखेड ,सुरेंद्र कुमार दिल्लीवार ,तोमन लाल भुआर्य, यशवंत कुमार चौधरी ,तनुजा बंजारे, दुष्यंत सोनकर, आशा साहू ,डॉ किरण सरावगी, खेमलता गोस्वामी पुष्प लता साहू , ईश्वर कुमार लेंडीया, कोमल सिंह ठाकुर, रंजना साहू , हर्षा देवांगन नून साहू, मोना रावत, पवन रेखा कौशल, जगदीश हीरा साहू पूनम साहू साथी शामिल थे।



