बालोद। सरोज नंद दास प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी शत्रुधन उर्फ मानू डाहरे पिता बुधारू लाल, उम्र 27 वर्ष, निवासी- सकरौद, थाना-रनचिरई, जिला बालोद (छ.ग.) को धारा 302 हत्या के अपराध में आजीवन कारावास व कुल 1,000/- रूपये के अर्थदण्ड तथा धारा 324 (दो बार) भा.दं.सं. के अपराध में 3-3 वर्ष का 1000-1000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया ।
अभियोजन का मामला इस प्रकार है कि प्रकरण अतिरिक्त लोक अभियोजक चित्रांगद देशमुख के अनुसार 2 जनवरी.2020 को प्रार्थी खिलेश्वर प्रसाद साहू निवासी सकरौद सुसायटी जाने घर से निकला था तभी ग्राम के भाठापारा चौक में मृतक ललित ठाकुर एवं भोला उर्फ सुखचंद डहरे व अन्य लोग बातचीत कर रहे थे, जिन्हे देखकर प्रार्थी भी वहां पर खड़ा होकर बातचीत करने लगा तभी अभियुक्त शत्रुघन डाहरे अपने घर तरफ से टंगिया लेकर आया और किसी बात पर आक्रोशित होकर अचानक ललित ठाकुर के दाहिने कनपटी के पास टंगिया से मारकर हत्या कर दिया था। जिसे बीच-बचाव करने के प्रयास में आरोपी द्वारा जान से मारने की नियत से सुखचंद उर्फ भोला को चोट पहुंचाया था। प्रार्थी खिलेश्वर के पीठ में चोंट आयी थी। प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 302, 307 भा.द.वि. के तहत प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया था। तत्पश्चात् विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया था पुलिस पर भी पथराव, बलवा में हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि उक्त घटना बालोद जिले में चर्चित रही। वह इसलिए क्योंकि इस घटना से आरोपी के खिलाफ पूरे ग्रामीणों में इतना आक्रोश था कि पुलिस जब आरोपी को गिरफ्तार करने गांव पहुंची तो उसे पुलिस के हवाले नहीं किया जा रहा था। ग्रामीण उसकी पिटाई करने के लिए उसे पकड़ रहे थे। पुलिस को उसे ले जाने नहीं दिया जा रहा था। इस बीच पुलिस जब आरोपी को ले जाने लगी तो पुलिस की गाड़ी पर पथराव सहित झूमा झटकी भी जमकर हुई थी। बाद में फिर मामले में ग्रामीणों के खिलाफ बलवा का मामला दर्ज हुआ था। कई लोग इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भी भेजे गए थे । जांच में पाया गया कि आरोपी सरफिरा प्रवृत्ति का था और इसी स्वभाव के चलते उसने बिना किसी विशेष कारण के हत्या कर दी थी। इस हरकत से पूरे गांव में तनाव का माहौल था।
