हड़ताल अवधि का वेतन देकर वापस लौटने का लॉलीपॉप दिखा रही सरकार, कर्मचारियों ने कहा अब नहीं गलेगी दाल, नहीं चलेगी चाल



बालोद। लगातार जारी अधिकारी कर्मचारी के हड़ताल को देखते हुए शासन द्वारा एक आदेश जारी किया गया है जिसमें सभी विभाग प्रमुखों को सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव के द्वारा आदेशित कर कहा गया है कि हड़ताल में गए अधिकारी कर्मचारी वापस लौटना चाहते हैं। अगर वे 1 या 2 सितंबर तक अपने कार्य पर उपस्थित होते हैं तो उनकी हड़ताल अवधि का अवकाश स्वीकृत करते हुए उनका वेतन भुगतान किया जाए। इस तरह हड़ताल अवधि का वेतन ना काटकर कर्मचारियों को वापस काम पर आने पर उन्हें पूरा वेतन देने का आदेश हुआ है। इस आदेश को आंदोलनरत अधिकारी कर्मचारी लॉलीपॉप बता रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की यव चाल नहीं चलेगी। अब उनकी दाल नहीं गलेगी। हड़ताल पर डटे स्वास्थ्य एवं बहुद्देशीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष घनश्याम पुरी ने कहा कि सरकार कर्मचारियो को लॉलीपॉप दिखाकर फूट डालने की कोशिश कर रही ताकि हड़ताल खत्म हो जाए। उन्होंने सभी से अपील किया कि आदेश देख के पीछे ना हटे। सरकार से कहा गया मांग पूरा करो। हमारा वेतन भले 2 महीना न दो । हम डटे रहेंगे।शासन के ऐसे हथकंडे काम नही आने वाले वेतन का लालच दे रहे। जब अपने अधिकार के लिए लड़ रहे वहां थोड़ा परेशानी ही सही। कर्मचारियों से कहा गया आज अगर पीछे हटे तो आने वाली पीढी से नजर न मिला पाओगे। साल में 2 बार महंगाई भत्ता मिलने का नियम है, जनवरी और जुलाई। आज छत्तीसगढ़ शासन हमे अगस्त से दे रहा। ये नई परम्परा अगर लागू हुई तो हमे आने वाली पीढ़ी कोसेंगे कि आप उस समय विरोध क्यों नही किये। जब लड़ना था तब क्यों नही लड़े। तब हमारे पास जवाब नही होगा। तो अपने हक़ के लिए लड़ो। ये आर पार की लड़ाई है। अगर 1947 में योद्धा व स्वतत्रंता सेनानी पीछे हट जाते तो आज देश आजाद नही होता। आज ये वही लड़ाई है। हमें 1947 वाले सेनानी बनना है।

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