डौंडी लोहारा “कलम बन्द – काम बंद” अनिश्चित कालीन आंदोलन रविवार को भी रहा जारी



बालोद| राज्य के लगभग 101 संगठन के कर्मचारी अपने दो सूत्रीय मांग केंद्रीय कर्मचारियों के समान DA (महंगाई भत्ते) और HRA (मकान किराया भत्ता) की मांग कर रहे हैं। केंद्र के समान DA एवं सातवें वेतनमान पर HRA की मांग के लिए कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अनिश्चित कालीन हड़ताल का आह्वान किया है। सातवें दिवस के अनिश्चित कालीन आंदोलन की शुरुआत राज्य गीत एवं माँ शारदे की पूजा अर्चना से हुई. उद्बोधन की कड़ी में नेमसिंह ठाकुर ने संगठन की ताकत को बताते हुए कहा कि आज हमारी एकता के कारण ही कई विधायकों का समर्थन पत्र प्राप्त हो रहा है। अगर हमें अपनी बात मनवानी है तो संगठन के बिना यह मुमकिन नहीं है।इसलिए जो साथी अभी तक आंदोलन में नहीं थे वे भी अब जुड़ते जा रहे हैं। श्री वाजपेयी ने कहा कि इतिहास में पहली बार हमें DA और HRA के लिए हड़ताल करना पड़ रहा है, हमारे प्रांतीय निर्देश अनुसार हमे हड़ताल को आगे ले जाना है और बहुत जल्द हमारी मांगे पूरी होंगी। श्री यदु ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारे फेडरेशन में 101 संगठन का साथ है और 101 की संख्या जीत की संख्या है। साथ ही श्री यदु एवं श्री कोटेन्द्र द्वारा प्रेरणा गीत प्रस्तुत किया गया। पी. एस. रात्रे द्वारा ने कहा कि समय की यही मांग है कि हम अपने अधिकार और हक की लड़ाई में भाग ले। परिणाम भविष्य की गर्त में है परंतु जब भी इतिहास में इस आंदोलन का जिक्र होगा तो हमारा नाम लड़ने वालों में होगा तमाशा देखने वालों में नहीं।उन्होंने सभी साथियों में उत्साह भरते हुए कहा कि अधिकार की लड़ाई में निमंत्रण नहीं भेजे जाते जिसका ज़मीर जिंदा होगा वह खुद ही इस आंदोलन रूपी महाकुंभ में शामिल होगा। सहायक शिक्षक फेडरेशन के ब्लॉक संयोजक खेमन्त साहू ने बताया कि फेडरेशन के आंदोलन के बाद मंहगाई भत्ता विसंगति पूर्ण 2 बार बढ़ाया गया हैं। राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2019 के लंबित मंहगाई भत्ते की 5% किस्त को 1 जुलाई 2021 से स्वीकृत कर कुल 17% किया था, जिसमें देय तिथि 1 जुलाई 2019 से लेकर 30 जून 2021 तक के वेतन में अंतर की राशि का भुगतान नहीं किया था। सरकार ने फेडरेशन के आंदोलन के बाद 1 मई को डीए में 5% की वृद्धि की थी। कर्मचारियों को 1 जुलाई 2021 से 30 अप्रैल 2022 तक 17% डीए पर वेतन बना था, लेकिन सरकार ने वेतन में अंतर की राशि का भुगतान फिर नहीं किया।पश्चात सरकार ने डीए में 6% की वृद्धि 1 अगस्त 2022 से कर 28% किया है, जबकि केंद्र में 28% डीए का देय तिथि 1 जुलाई 2021 है। राज्य सरकार ने अपनी छल करते हुए देय तिथि से डीए स्वीकृत नहीं किया।जिसकी हम सब घोर निंदा करते है। इसके अलावा के.एल.पिस्दा ,तोमन मालेकर ,भूधर जोशी,विष्णु राम पटेल, एनुका शारवा, श्री मरकाम , श्री नायक ,जितेंद्र धरमगुड़ी ने भी विचार रखते हुए सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किये।नेमसिंह ठाकुर संयोजक,पी एस तारेंद्र सह संयोजक, प्रेम सिंह कोलियारे शिक्षक फेडरेशन ,अनिल कुमार दिल्लीवार अध्यक्ष सहायक शिक्षक फेडरेशन,,सुनील कुमार टांडे पटवारी संघ, खेमंत कुमार साहू संयोजक छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ,सुश्री एनुका सार्वा लोकेश्वर निषाद,पी पी ठाकुर,उइके सर प्राचार्य बड़गांव,यू सी अग्रवाल, मुखर्जी सर, भंडारी सर , मेश्राम सर, निषाद,एनएस मानकर, ,श्रीमती माया मरकाम,तेजप्रकाश साहू पटवारी सेवक राम ठाकुर, मन्नू राम ठाकुर,लोकराम नायक, उमाशंकर कृशान,मोहित भौशार्य, योगेश साहू पटवारी ,आरिफ सिद्दकी, प्रदीप साहू,तुलसी राम पिस्दा, संजय मार्टिन ,राजेश उपाध्यक्ष वन विभाग,कमलकांत साहू,आर. के. खिलरिया. संतोष मण्डावी, अनिता साहू,दीपक बडतिया,डिलेश्वर डेहरे समस्त अधिकारी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन राजेंद्र यारदा द्वारा किया गया।

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