साइबर सेल टीम एवं थाना राजहरा की संयुक्त कार्यवाही
प्रकरण में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पूर्व में की जा चुकी है
बालोद। मुख्यमंत्री छ.ग. शासन की मंशा अनुसार पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज, दुर्ग बी.एन मीणा व पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर के मार्गदर्शन उप पुलिस अधीक्षक सायबर सेल राजेश बागडे , नगर पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के पर्यवेक्षण में चिटफंट कम्पनी के आरोपियो की पतासाजी हेतु जिला बालोद में अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें थाना राजहरा के अपराध में फरार चिटफंड का आरोपी को राज्य उडिसा से गिरफ्तार करने में बालोद पुलिस को सफलता मिली है। मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी इन्द्रजीत साहू पिता स्व. उजियार सिंह साहू उम्र 35 साल वार्ड क्रमांक 27 साईं बाबा मंदिर के पास थाना दल्लीराजहरा जो सन् 2014-15 मे चिटफंड कम्पनी जे.एस.बी रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी मे पूंजी निवेश करने पर रकम दोगुना पैसा या जमीन साढ़े पांच साल में मिलेगी। तब प्रार्थी ने उक्त कंपनी मे अपने तथा बच्चे के नाम से विभिन्न किस्तों मे 300 एवं 200 प्रतिमाह करके कुल 12500/- रूपये करीब 02 साल तक जमा किया इसके अलावा प्रार्थी ने नाबालिग बच्चों के नाम से क्रमशः 60,000/-रूपये फिक्स डिपजिट किया तथा दूसरे बच्चे के नाम से 1300/-रूपये प्रतिमाह के हिसाब से 25 महिने तक कंपनी मे जमा किया। इन सभी का प्रार्थी को कंपनी से बाउण्ड पेपर मिला और उसे बताया कि जमीन भी मिलेगी और पैसा दोगुना मिलेगा। इसी तरह संतोष, दानु, मन्नु लाल आदि ने प्रार्थी को प्रेरित कर उसे भी एजेण्ट बनाकर अन्य लोगों से पैसा निवेशितत कराने हेतु दुष्प्रेरित किया गया। तब प्रार्थी भी यशवंत साहू चिखलाकसा से 01 लाख रूपये, तिलकराम साहू राणखुज्जी थाना देवरी से 13,600/- रूपये, देवेन्द्र कुमार दुर्ग बोरसी थाना पुलगांव से 01 लाख 10 हजार रूपये, रेणु यादव दुर्ग बोरसी से 01 लाख 31 हजार रूपये, नारायण साहू दल्लीराजहरा से 30,000/- रूपये, मन्नु लाल ठाकुर थाना दल्लीराजहरा से 25000/- रूपये उक्त कंपनी में निवेश कराई। इन सभी लोगों को कंपनी ने दोगुना पैसा अथवा जमीन देने का झूठा वायदा किया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चिटफंड कम्पनी जे.एस.बी रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर कन्हैयालाल ओझा, धनेष कुमार निषाद नितिन राव, शेण्डे पंकज साहू, हीरा सिंह यादव व सुशील कुमार सरकार के खिलाफ थाना राजहरा में धारा 420,34 भादवि, 3,4,5,10 छ.ग. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 एवं नियम 2015, आर.बी.आई. अधिनियम 1934 की धारा 58(एफ) कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया था। विवेचना के दौरान हीरा सिंह यादव डायरेक्टर जो कि 6 वर्षो से फरार था। अपने स्थाई निवास रायपुर से उड़ीसा में छीप कर रह रहा था । जिसकी पतासाजी हेतु कई बार टीम गई थी। पर आरोपी का कोई सुराग नही मिल पा रहा था। उक्त प्रकरण के आरोपी को पकडने हेतु सायबर सेल तथा थाना राजहरा से विशेष टीम बनाया गया। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यो की मदद से आरोपी हीरा सिंह यादव के संबंध में जानकारी प्राप्त करने हेतु मुखबीर लगाया गया था। मुखबीर की सूचना पर आरोपी के पुख्ता होने पर टीम ओडिसा रवाना किया गया। टीम द्वारा ग्राम चंडीभाट थाना जगदलपुर जिला बरगढ ओडिसा जाकर आरोपी हीरा सिंह यादव को घेरा बंदी कर पकडा गया।

आरोपी का नाम व पता- हीरा सिंग यादव पिता बंशी राम यादव उम्र 42 वर्ष पता-श्याम नगर सिविल लाईन मकान न 1688 थाना सिविल लाईन रायपुर (छ.ग.) है। चिटफंड के फरार आरोपी के पतासाजी में प्रभारी थाना राजहरा निरीक्षक अरूण नेताम, निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी साइबर सेल प्रभारी, सउनि लक्ष्मण नौरांगे, आरक्षक पूरन प्रसाद देंवागन, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक एस कुमार तारम , आरक्षक मिथलेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।
