तीन और मरीज निकले, एक ही परिवार के तीन लोगों के चपेट में आने के बाद स्वास्थ्य अमला अलर्ट
बालोद। बालोद जिले के अंतिम छोर पर दुर्ग जिले के निकुम इलाके से लगा हुआ एक गांव है खुर्सीपार। जहां इन दिनों लोगों की नींद उल्टी दस्त और डायरिया की वजह से उड़ी हुई है। गांव के पीने का पानी का स्रोत खराब होने की वजह से लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। और इस चपेट की वजह से गांव के एक बुजुर्ग 63 वर्षीय नोखेलाल हरमुख की मौत भी हुई है। स्वास्थ्य अमला उस वक्त ज्यादा चौकन्ना हुआ जब एक ही परिवार के तीन लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। एक की मौत हो गई। परिवार की बेटी तो स्वस्थ हो गई लेकिन उनका बेटा कुलेश्वर हरमुख अभी भी दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती है। उक्त गांव बालोद के बजाय दुर्ग जिले से लगा हुआ है। इसलिए यहां के लोग इलाज के लिए दुर्ग पर निर्भर रहते हैं। सामान्य इलाज के लिए विभिन्न निकुम के अस्पताल का रुख करते हैं ।अभी भी ग्रामीणों को जो मरीज मिल रहे हैं उन्हें निकुम के अस्पताल में ही भर्ती कराया जा रहा है। जिनकी स्थिति गंभीर होगी उन्हें दुर्ग अस्पताल रेफर किया जाता है। तो वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद बालोद जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर तैनात है। स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच जारी है। लोगों को उबला पानी पीने, छानकर पीने के लिए नसीहत दी जा रही है। जनपद सीईओ व बीएमओ द्वारा गांव का निरीक्षण किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य अमला ड्यूटी में लगाकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
विकास के नाम पर पिछड़ा, हर तरफ दलदल का नजारा
ग्रामीणों ने बताया कि जिले के अंतिम छोर पर यह गांव है इस वजह से यहां विकास कार्य नजर नहीं आता है। विधायक, मंत्री तो दूर की बात स्थानीय अधिकारी भी यहां झांकने को नहीं आते हैं। गांव में विकास नहीं हो पा रहा है। इस वजह से जगह-जगह दलदल और कीचड़ है। बोर से पानी की सप्लाई होती है पर जल स्रोत के आसपास भी गंदगी है। ऐसे में बरसात में डायरिया फैलने की आशंका बढ़ जाती है। और यही वजह है कि इस बार जो घटना हुई वह भयावह रूप लेती जा रही है। हालांकि स्थिति नियंत्रण में होने की बात अधिकारी कर रहे हैं लेकिन गांव में एक बुजुर्ग की मौत के बाद लोगों में दहशत बरकरार है।
जांच में निकले तीन और मरीज, 2 साल की बच्ची भी प्रभावित
स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। शनिवार को भी यहां जांच में तीन और मरीज मिले। तीनों बच्चे और महिलाएं थे। जिसमें 10 साल की एक लड़की राखी, 30 साल की महिला मालती बाई साहू तो 2 साल की बच्ची खुशी उल्टी दस्त की शिकार है। जिन्हें निकुम स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। तो वही नोखेलाल मृतक के बेटे कुलेश्वर का इलाज दुर्ग जिला अस्पताल में जारी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार यहां जांच कर लोगों को आवश्यक दवाई वितरित कर रहा है और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश जारी है। लोगों को बरसात को देखते हुए खानपान में एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
