DAILY BALOD NEWS

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सिंचाई ग्राम औराभांठा को राजस्व ग्राम में बदलने की उठी मांग, विधायक ने कहा – कर रही हूं प्रयास, मुख्यमंत्री से भी हुई है चर्चा

विधायक ने किया औंराभाठा और देउरतराई में जनसम्पर्क, कहा प्राथमिकता के आधार पर करेंगे मांगो को पूरा

बालोद। संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने बालोद विकासखंड के ग्राम औंराभाठा और देउरतराई में जनसंपर्क दौरा किया। दोनों ग्रामों में आयोजित सभा में उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए विधायक ने उनकी एवं गांव की समस्या से अवगत होते हुए समाधान हेतु पहल किया।
विधानसभा क्षेत्र का एक मात्र सिंचाई ग्राम औंराभाठा के ग्रामीणों ने एक स्वर में विधायक से इसे राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग की। इस पर विधायक ने ग्रामीणों को बताया कि मुख्यमंत्री जब बालोद आये थे तो इस मांग को पुरजोर तरीके से रखी थी तथा राजस्व व जल संसाधन मंत्री से बात भी हो रही है और यह मामला प्रक्रिया में है। औंराभाठा और देउरतराई में सर्वसामुदायिक भवन की मांग की गई। जिस पर विधायक ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की बात कही। विधायक ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए भूपेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी एवं लोगों को इसका लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी जानकारी ली।


जनसंपर्क दौरे में विधायक के साथ ब्लॉक कांग्रेस बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, शम्भू साहू, मीडिया प्रभारी देवेन्द्र साहु, सरपंच एवं पंचगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

क्यों होती है सिंचाई ग्राम के कारण परेशानी

बालोद क्षेत्र का यह इकलौता सिंचाई ग्राम है जो कि तांदुला डैम के पास बसा हुआ है। सिंचाई ग्राम होने की वजह से राजस्व विभाग की योजनाओं का लाभ यहां के ग्रामीणों को नहीं मिल पाता है। यहां के किसान सिंचाई विभाग की जमीन पर खेती तो करते हैं। लीज पर खेती होती है और फसल उत्पादन का कुछ हिस्सा शुल्क के तौर पर विभाग को भी देना पड़ता है। पर वे अपना धान सोसाइटी नहीं बेच पाते हैं। जबकि बालोद की सोसाइटी उनके ही गांव के पास बना हुआ है। ऐसे और भी कई समस्याएं हैं जिनसे ग्रामीण जूझ रहे हैं और यह समस्या तब हल हो सकती है जब यह गांव सिंचाई से राजस्व ग्राम का दर्जा पाए। इसके लिए ग्रामीणों द्वारा पहले भी आंदोलन और चुनाव बहिष्कार का रास्ता अपनाया गया था ।लेकिन अफसरों द्वारा आश्वासन मिला है। मामला उच्च स्तर पर चला ही गया है। प्रक्रिया भी चल रही है कि कैसे इस गांव को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए । विधायक संगीता सिन्हा ने आश्वस्त किया कि अपनी ओर से वे पूरा प्रयास कर रहें हैं। राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया चल रही है।

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