अधिकारी कर्मचारी आंदोलन का दूसरा दिन- वक्ताओं ने कहा मांगे पूरी नहीं हुई तो भूपेश सरकार को अगला चुनाव जितना भी होगा मुश्किल



बालोद। दो सूत्रीय मांग पर कर्मचारियों द्वारा ब्लॉक इकाई -डौंडी में प्रदर्शन हुए। दूसरे दिन आंदोलन में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया गया। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के ब्लाक सयोजक सच्चिदानंद शर्मा, पर्यवेक्षक वीरेंद्र देशमुख ने कहा आज राज्य की स्थिति ऐसी है कि अभी सभी स्कूलो में ताला लटका है। राज्य के समस्त कार्यालयो में काम काज पूरी तरह से ठप है। लेकिन सरकार को किसी की समस्याओं का कोई परवाह नही है। कर्मचारी अपने हक के लिए सड़क पर उतरे हुए है। हमारी माँगो पर जरा भी ध्यान नही दे रही। इससे हम सब आक्रोशित है। हमारे हक अधिकार के हिस्से जल्द से जल्द नही दिए गये तो अनिश्चित काल हड़ताल के लिए हम सब बाध्य हो जाएंगे। हड़तालियो ने अपनी आंदोलन संचालन के लिए स्वेच्छा से सहयोग राशि जमा किये। और प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर सरकार को जमकर कोसा। उद्बोधन में समस्त कर्मचारी अधिकारी वक्ताओं ने भूपेश सरकार को खुली चेतावनी दिए कि समय पर हमारा हक नही दिए तो आपकी अगली पारी हमे मंजूर नही होगी। मिली जानकारी अनुसार विकासखण्ड में हड़ताल का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। कार्यालय में कर्मचारी अधिकारी नही होने से आम नागरिकों का काम अवरुद्ध हो चुका है। बच्चो की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। अभी 88 कर्मचारी अधिकारी संगठन इस हड़ताल में शामिल हो गए हैं। द्वितीय दिवस का सफल मंच संचालन छ ग सहायक फेडरेशन के उपाध्यक्ष बसंतमणी साहू ने किया। हड़तालियो को शिव कुमार चौरके , मोना रावत, नीलिमा दत्ता, जनक सोनवानी, बी.के.छेदैया, सोन सिंह दुग्गा, अजित तिवारी, मंजू लाल धनकर, रेखू राम साहू और भुवन लाल सिन्हा भूषण ध्रुव ने भी संबोधित किया।

You cannot copy content of this page