बालोद। 25 जुलाई से 29 जुलाई तक निश्चित कालीन आंदोलन कलम रख काम बंद में दो सूत्रीय मांग पर कर्मचारियों द्वारा गुंडरदेही में प्रदर्शन हुए। बारिश के बावजूद लोग डटे रहे। आंदोलन में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के ब्लाक सयोजक वेदप्रकाश यदु ने कहा आज राज्य की स्थिति ऐसी है कि अभी सभी स्कूलो में ताला लटका है। जिससे बच्चो की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। सभी कार्यालय बंद पड़े है। जिससे आम लोगो को समस्यायों का सामना करना है। सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत होने के दावे की पोल खोली सरकार बोलती है कि छत्तीसगढ़ जीडीपी भारत देश में सबसे मजबूत है। लेकिन अपने कर्मचारियो को महंगाई भत्ता, मकान भाड़ा भत्ता देने के लिए मौन साध लेता है। साथ ही छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने कहा एक कर्मचारी कैसे सरकार बना सकती है और कैसे सरकार गिरा सकती है इसका गणित बताया। उन्होने कहा सरकार अपनी मंत्रियों विधायकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बढ़ा लेता है वही कर्मचारीयो की बात आती है तो कुछ भी नही मिलता। सरकार की इस रवैए से सभी कर्मचारियों में बहुत रोष भरा है। कहीं ऐसा ना हो कि इस आंदोलन का असर आने वाले चुनाव में सरकार को भारी ना पड़ जाए। अभी भी राज्य सरकार के पास समय है हमारी मांग को तत्काल पूरा करे। हम अपने कामों में लौट जाएंगे।अभी 76 कर्मचारी अधिकारी संगठन इस हड़ताल में शामिल है।

मंच संचालन अर्जुन सिंह तारम, धर्मेंद्र साहू ने किया। मंच को डॉक्टर बुशरा परवीन, रविकुमार वर्मा, विजय शंकर साहू,अविनाश यादव, के आर साहू, हरीश कुलहरे, सूरज पवार, ने भी संबोधित किया।
