बैठक में रसोइयों ने की सरकार की निंदा- हमारे मानदेय पर मौन है सरकार, विधायकों पर मेहरबान



इधर आधे से ज्यादा स्कूलों में नहीं बन रहा मध्यान्ह भोजन,बालोद में 56 स्कूलों में बंद

बालोद। हाल ही में कैबिनेट की बैठक में विधायकों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है जिससे उनके मानदेय में 30 से 40 हजार रुपए की वृद्धि और हो जाएगी। इस वृद्धि को लेकर तंज कसते हुए जिले के रसोइयों ने सरकार के इस निर्णय की निंदा की है। रसोइयों का कहना है कि हम जैसे छोटे कर्मचारियों की मांग सरकार को नहीं दिखती है। दरअसल में शुक्रवार को गंगा मैया मंदिर परिसर झलमला में रसोइयों की जिला स्तरीय बैठक रखी गई थी। जिसमें जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर रणनीति तैयार की गई। रसोइयों ने एक राय होकर फैसला किया है कि हड़ताल उनकी जारी रहेगी। रसोईया संघ के जिलाध्यक्ष पंचुराम देशमुख ने कहा कि हमारी अनिश्चितकालीन हड़ताल आगे जारी रहेगी। हड़ताल से 80% स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में हम छोटे कर्मचारियों का मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई। लेकिन विधायकों का डीए भत्ता में बढ़ोतरी की गई । जिसकी जिला रसोइया संघ बालोद निंदा करती है। रसोइयों ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर मौन है जबकि हमारी हड़ताल से स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था ठप हो रही है। बच्चे भूखे रहकर पढ़ाई कर रहे। कई जगह समूहों ने भोजन पकाने से मना कर दिया है तो स्कूलों में मध्यान्ह भोजन मिलना बंद हो गया है। उक्त बैठक के दौरान रसोईया संघ बालोद की नए पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। जिसमें एक बार फिर जिलाध्यक्ष पंचुराम देशमुख, उपाध्यक्ष त्रिवेणी यादव, सचिव द्वारका प्रसाद देशमुख, कोषाध्यक्ष उल्फ़ी यादव, सचिव टामेश्वर सोनभद्र, मीडिया प्रभारी मंजू लता व सुलोचना को बनाया गया।

बालोद के 56 स्कूलों में नहीं बना भोजन

लगातार हड़ताल को देखते हुए शिक्षा विभाग भी व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है। लेकिन कई जगह भोजन बंद होने की नौबत आ चुकी है। रोज स्कूलों की निगरानी कर पता लगाया जा रहा है कि कहां भोजन बना या नहीं बन पाया। बालोद ब्लॉक में 111 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बन रहा। पर 56 स्कूलों में भोजन नहीं बनना पाया गया। बालोद ब्लाक में 167 स्कूल संचालित हो रही है।

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