स्वास्थ्य एवं बहुद्देशीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम पुरी बोले- अब तक मिला सिर्फ आश्वासन, कार्रवाई का है इंतजार
बालोद। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दफ्तर में जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति की बैठक हुई। जहां एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग में संलग्नी करण का मुद्दा उठा। पहले भी ये मुद्दा जिले में चर्चा का विषय रहा है। वजह यह है , सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जो भी कर्मचारी अटैचमेंट में कार्यरत हैं उन्हें अपने मूल स्थापना में भेजी जाए ताकि कार्य प्रभावित ना हो लेकिन स्वास्थ्य विभाग में अब तक इसका पालन नहीं हो रहा है। जिसको लेकर जिला स्तरीय समिति बैठक में एक बार फिर स्वास्थ्य एवं बहुद्देशीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष घनश्याम पुरी ने मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस पर ज्ञापन दिया जा चुका है। अफसरों से सिर्फ आश्वासन मिला है। कार्रवाई का इंतजार है। विभाग में जिला स्तरीय परामर्श दात्री बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस के मंडल के अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई। जिसमे संघ प्रमुख होने के नाते श्री पुरी द्वारा कर्मचारी अधिकरियों संबंधित विभिन्न समस्यओं से बिंदुवार अवगत कराया गया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने संघो के माध्यम से कर्मचारियो अधिकारियों के समस्याओं का निराकरण करने हेतु आदेशित किया गया। संघ की प्रमुख मांग है कि स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से संलग्न अधिकारी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पदस्थापना स्थान में भेजा जाए।और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व फार्मेसिस्ट के पदोन्नती हेतु मांग किया गया। संगठन द्वारा 18 बिंदुओं में अपने ज्वलनशील मुद्दों को रखा गया। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सभी संघ के प्रमुख शामिल थे।
यह 18 मांग व समस्या रखी संघ ने
- विभाग में वर्षों से संलग्न अधिकारीयो / कर्मचारीयो को उनके मूल पदस्थापना स्थान पर तत्काल प्रभाव से भेजा जाए।
- जिन कर्मचारीयो का तृतीय समयमान वेतनमान व एरियस का भुगतान लंबित है उसे तत्काल प्रभाव से प्रदाय किया जाए।
- सेवानिवृत्त कर्मचारीयो को जी०पी०एफ एवं अन्य मदो हेतु उनके सेवानिवृत्त काल के होने से 6 माह पूर्व भी सारी प्रकिया पूर्ण की जाए ताकि उन्हें भविष्य में भटकना न पड़े। ऐसा नही होने पर संबंधित लिपिक कर्मचारी पर कड़ी कार्यवाही की जाए। देखा गया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारीयो को बाद में भटकना पड़ता है। जबकि अन्य विभागों में 6 माह पूर्व ही इसकी तैयारी कर दिया जाता है। बड़ी विडंबना है कि केवल हमारे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयो को सेवानिवृत्त पश्चात् भटकना पड़ता है।
- कर्मचारीयो के लंबित एमआर. बिल और टीए. बिल जो वर्षों से लंबित है उसे तत्काल प्रभाव से प्रदाय किया जाए।
- जिले के समस्त उपस्वास्थ्य केन्द्रो में 24 घंटे आपातकालीन सुविधा देने के लिए एक अतिरिक्त एएनएम की व्यवस्था हेतु शासन से अनुशंसा की जाए।
- फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति तत्काल की जाए।
- सर्विस बुक एवं जीपीएफ पास बुक की सत्य कॉपी प्रत्येक कर्मचारियों के पास तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
- विभिन्न विकासखण्डों में पी.एच.सी. सी.एच.सी. में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी है। जिससे विभाग के कार्यालय में गंदगी व अव्यवस्था देखनी पड़ रही है तत्काल रिक्त पदों को भरा जाए।
- स्वास्थ्य विभाग के उप स्वास्थ्य केन्द्रो में जो ए.एन.एम. बहने हैं जो आधी रात को प्रसव लेते हैं उनके लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की व्यवस्था की जाए।
- एजी स्लिप की कॉपी प्रत्येक कर्मचारीयो को दी जावे, बहुत से ऐसे सीनियर कर्मचारी है जो ऑनलाइन जीपीएफ / सीपीएफ खाता देखने में असमर्थ है।
- स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व कोरोना योद्धाओं को तत्काल जोखिम भत्ता प्रदाय किया जाए।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो में अतिरिक्त कमरा व बाउंड्रीवॉल बनाने हेतु व्यवस्था की जाए।
- शासकीय भवनो में अवासरत कर्मचारी के भवन व मकान जो जर्जर अवस्था में है उसे तत्काल रिपेयरिंग कर नवनिर्माण किया जाए। बहुत से स्वास्थ्य केन्द्रो में टाईल्स उखड़ी हुई है। कही बाथरूम के नल खराब है, पानी की व्यवस्था बहुत से स्वास्थ्य केन्द्रो में इस प्रकार का अभाव है। इसे तत्काल ठीक किया जाए ताकि कर्मचारी व मरीजो को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- संविदा व नियमित कर्मचारीयो को उचित गुणवत्तापूर्ण मोबाइल व टेबलेट की सुविधा प्रदाय की जाए । इसके साथ ही इंटरनेट डाटा की खर्चा का भुगतान किया जाए जिससे रिपॉटिंग कार्यों में परेशानी न हो।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को वर्दी भत्ता, सिलाई भत्ता तत्काल प्रदान किया जाए।
- फिल्ड कर्मचारी को स्टेशनरी सामाग्री विभाग के जैसे रजिस्टर, पेन, पेन्सिल इत्यादि उपलब्ध कराया जाए ताकि शासकीय कार्यों का निर्वहन सुलभता एवं सुविधापूर्वक सम्पन्न हो सके।
- जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हर अर्धवार्षिक व वार्षिक नियमित रूप आयोजित किया जाए ।
- मेडिकल अवकाश व अर्जित अवकाश स्वीकृति करने हेतु खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को अनुमति प्रदान करें, ताकि कर्मचारियों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
