बालोद | केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आरएएमपी (रेसिंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) योजना के अंतर्गत बालोद जिले के सखी महिला समूहों के लिए कुसुमकसा क्लस्टर में 10 से 12 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय फूड प्रोसेसिंग सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती मंजू बैस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
यह प्रशिक्षण पॉजिटिव मंत्रा कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर ऋषि सेन, तोशी वैष्णव एवं फूड इंजीनियर इंदु ने प्रतिभागियों को फूड प्रोसेसिंग से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण में खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन तथा बाजार में उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
जनप्रतिनिधियों व समूह सदस्यों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती वेद बाई पिसदा, जनपद सदस्य श्रीमती मंजू बैस, बिहान से श्रीमती तेजकुमारी, लेखपाल कविता रामटेके, हेमीन बाई, मगली बाई, आमय बाई तथा पॉजिटिव मंत्रा ऑपरेटर सुश्री देविका साहू की उपस्थिति रही।
30 स्वयं सहायता समूहों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ
प्रशिक्षण में कुल 30 स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, जो फूड प्रोसेसिंग एवं एमएफपी (लघु वनोपज) से जुड़े कार्यों में संलग्न हैं, ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, बेहतर पैकेजिंग करने तथा बाजार में अधिक लाभ प्राप्त करने की दिशा में नई जानकारी मिली है।
महिलाओं ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।
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