आपातकाल- काला दिवस,लोकतंत्र के रक्षक मीसा बंदियों का किया गया सम्मान



बालोद। भाजपा ने 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया। जिला भाजपा व सभी मंडलों में स्वतंत्र भारत में 25 जून 1975 को कांग्रेस की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के कहने पर तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम फखरुद्दीन अली अहमद ने धारा 352 के अधीन आपातकाल लगा दिया था। कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दुर्भावना व सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ना मानते हुए जन भावना व आनंदोलनो को दबाने लोकतंत्र की हत्या करते हुए आपातकाल लगा दिया था। 1 लाख 10 हजार से भी अधिक गैर कांग्रेसी नेताओं ,समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों तथा कांग्रेस की विचारधारा को ना मानने वालों को सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग करते हुए इमरजेंसी लगाई। उस दिन को काला दिवस के रूप में याद करते हुए जिला मुख्यालय बालोद में जिला भाजपा द्वारा लोकतंत्र पर आघात विचार संबोधन सभा कर मीसा बंदियों के परिवार जनों का सम्मान समारोह रखा गया।

जिसमें मुख्य वक्ता जिला भाजपा प्रभारी व प्रदेश प्रवक्ता केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर श्रीमती इंदिरा गांधी को 19 जून 1975 को चुनाव लड़ने के लिए 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिस पर अवमानना करते हुए सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की हत्या करते हुए आपातकाल लगाई गई। कोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए कांग्रेस शासन के विरोध में जन आंदोलन को दबाने व सत्ता के खो जाने के डर से देश में लाखों बेकसूर लोगों को जेलो में डाला गया। बालोद जिले में ही उस समय कांग्रेस शासन में प्रताड़ित हुए अनेकों मीसा बंदी परिवार इसके गवाह हैं एक ओर उनके परिवार के मुखिया को बिना अपराध के जेल में महीनों सालों बंद किया गया यातनाएं दी गई। वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा थाली बजाकर उनके घरों में नारे लगाए जाते थे अबोध बच्चो पर भी कांग्रेसियों को दया नहीं आई। आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को भी पूरी तरह कुचल दिया गया था। मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया। इमरजेंसी लगने के तुरंत बाद अखबारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई। ताकि ज्यादातर अखबार अगले दिन आपातकाल का समाचार ना छाप सके। आपातकाल के दौरान 3801 अखबारों को जप्त किया गया। 327 पत्रकारों को मीसा कानून के तहत जेल में बंद कर दिया गया। विदेशी संवाददाताओं को भारत से निकाल दिया गया। इनके अलावा विदेशी पत्रकारों की मान्यता छीन ली गई। लगातार 21 माह तक देश आपातकाल के दर्द को सहता रहा। अंततः जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में जन आंदोलन देशभर में विकराल रूप लेता रहा। जिससे डरकर 21 मार्च 1977 को आपातकाल हटाया गया। भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल गए मीसाबंदी व उनके परिवारों को प्रणाम करती है व जब तक भारतीय जनता पार्टी रहेगी इस दिन को काले दिवस के रूप में मनाती रहेगी। लोकतंत्र की हत्या कांग्रेस के डीएनए में हैं जिस राज्य में भी कांग्रेस की सत्ता है। वहां उनकी कार्यशैली ऐसी ही होती है। छत्तीसगढ़ में मौलिक अधिकारों का हनन करते हुए सत्ता के विरोध में उठ रहे आवाजों व जन आंदोलनों को दबाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को दबाते हुए कानून दमनकारी कानून थोपा गया था। प्रदेश में आज भ्रष्टाचार, माफिया राज, अवैध उत्खनन, हत्या ,बलात्कार गुंडागर्दी जैसे अपराध बढ रहे हैं। महाराष्ट्र के रास्ते गांजा तस्करी कर रहे। माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे महासमुंद के थाना प्रभारी को घर से निकाल कर हत्या करते हैं। बालोद में ही रेत माफिया सत्ता के संरक्षण में पुलिस वालों पर ही चाकू मारते हैं। चोरी डाका लूट जैसे वारदात आम बात हो गई है। शासन इस पर रोक लगाने में पूरी तरह से विफल है। कांग्रेस के लोग भाजपा पर आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस के विधायक सांसद व नेताओं को खरीद-फरोख्त कर भाजपा में शामिल कर रही है। किंतु कांग्रेस की इसी दूषित मानसिकता को त्याग कर राष्ट्रहित में लोग स्वता भाजपा में जुड़ते जा रहे हैं। आज देश में कांग्रेस अपनी इसी कार्यशैली के कारण शुन्य की ओर बढ़ती जा रही है और जल्द ही देश कांग्रेस मुक्त हो जाएगी।

मीसाबंदी परिवार से स्व लोकूराम चंदन के पुत्र मुरारी लाल चंदन आपातकाल में अपने परिवार व मीसा बंदी परिवारों पर हुए आपबीती को विस्तार पूर्वक बताया।

भाजपा ने किया मीसाबंदी परिवारों का स्वागत सम्मान

स्वर्गीय नारायण राव पवार की धर्म पत्नी लक्ष्मी देवी पवार, स्वर्गीय बंसी लाल जैन के संतान लीला व धन्नु लाल जैन, स्वर्गीय नेमसिह साहू के पुत्र व पुत्र वधू पवन साहू निशा साहू, स्वर्गीय केजू राम दीवान पत्नी श्रीमती शैल दिवान, स्वर्गीय विनायक सोनी के पुत्र अजय सोनी, स्वर्गीय चंदूलाल सिन्हा के नाती देवेंद्र जयसवाल का सम्मान साल व फल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत पवार, पूर्व विधायक प्रीतम साहू, विरेन्द्र साहू,राजेंद्र राय, डॉ बालमुकुंद देवांगन, जिला महामंत्री देवेंद्र जयसवाल, किशोरी साहू ,पवन साहू, यज्ञदत्त शर्मा ,छगन देशमुख ,जिला पदाधिकारी त्रिलोकी साहू, राकेश यादव, संध्या भारद्वाज ,सुशीला साहू, शरद ठाकुर, नरेश साहू, जयेश ठाकुर,अनिता कुमेटि, कमलेश सोनी, लोकेश श्रीवास्तव,प्रेम साहू ,गोविंद वाधवानी ,दुष्यंत सोनवानी, प्रवेश जैन, कौशल साहू ,रुपेश सिन्हा , टिनेश्वर बघेल ,लीला शर्मा ,प्रेमलता साहू, कल्याण साहू ,सुलेखा सोनी ,दीपा साहू ,मीखी मसिया, कृतिका साहू, खिलेश्वरी साहू ,तोमन साहू ,कासिम कुरेशी, जितेंद्र साहू, विक्रम ध्रुव, देवेन्द्र मामला, ,सुरेंद्र देशमुख, पालक ठाकुर चमन देशमुख, विनोद कौशिक, दुर्जन साहू ,अबरार सिद्दीकी, हरीकृष्ण जगंजीर, वीरेंद्र साहू ,दानवीर साहू, संजय साहू ,नरेंद्र सोनवानी, संतोष कौशिक, राकेश द्विवेदी ,महेंद्र सिंह, अशवन बारले, दुर्गानंद साहू, जगदीश देशमुख, सुरेश केसरवानी, सहित अनेकों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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