छात्राओं से छेड़खानी मामला- गुरुर के गन्दे गुरुजी की हुई छुट्टी,,, डीईओ ने की निलंबन की अनुशंसा



मामला दबाने पर प्रभारी प्राचार्य सहित चार व्याख्याताओं की दो वेतन वृद्धि भी रोकी गई

बालोद/ गुरुर। गुरुर ब्लाक के ग्राम मोखा हाई स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक कैलाश साहू व्याख्याता एलबी पर कुछ छात्राओं ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। जिस पर हमने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सबसे पहले तो व्याख्याता कैलाश साहू को स्कूल से हटा दिया। उन्हें मामले की जांच चलते तक कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बालोद में अटैच किया गया। तो इधर स्कूल के प्राचार्य को भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने आदेश जारी किया गया ।जिसमें कहा गया है कि आपके विद्यालय में पदस्थ कैलाश साहू के द्वारा शाला के छात्राओं के साथ छेड़खानी का आरोप पालकों व ग्रामीणों के द्वारा लगाया गया था किंतु उससे व्याख्याता के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होने से प्रतीत होता है कि आपके द्वारा उक्त व्याख्याता के व्यवहार की शिकायत से उच्च कार्यालय को अवगत ना कराकर संबंधित की गलतियों को संरक्षण दिया जा रहा है। इस संबंध में प्राचार्य से स्पष्टीकरण 2 दिन के भीतर उपस्थित होकर देने के लिए कहा गया।

क्या था मामला

ज्ञात हो कि लंबे समय से वहां पदस्थ शिक्षक पर छेड़खानी व अश्लील हरकत की शिकायत थी। लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही थी। ग्रामीणों और शाला प्रबंधन समिति द्वारा भी संबंधित शिक्षक को स्कूल से अपना ट्रांसफर करवा लेने हिदायत दी गई थी लेकिन नया सत्र शुरू होने पर भी उन्होंने ऐसा नहीं किया और खुद को निर्दोष बताकर वहां ड्यूटी करता रहा। इस संबंध में हमने खबर भी प्रकाशित की थी। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लिया। कुछ छात्राओं ने बताया था कि छेड़खानी का मामला दबाने के लिए शिक्षक उनके कॉपी किताब में 500 से 1000 रुपए तक भी रख देता था। शिक्षक की उक्त हरकतों से तंग आकर कई छात्राएं यहां से टीसी निकालने पहुंच रही थी।

इधर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने करवाई जांच , शिक्षक पाए गए दोषी

शासकीय हाई स्कूल मोखा में “स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़” संबंधी खबर को संज्ञान लेते हुए कलेक्टर जिला बालोद के द्वारा तत्काल जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति में अनुविभागीय अधिकारी (रा.), गुरुर, जिला शिक्षा अधिकारी बालोद, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, गुरूर, तहसीलदार गुरूर द्वारा 19 जून को प्रातः 10:30 बजे शासकीय हाई स्कूल मोखा, विकासखंड गुरूर जिला बालोद (छ.ग.) में जांच किया गया। जांच में छात्र-छात्राओं एवं व्याख्याताओं के बयान लिये गए। जिसमें कैलाश कुमार साहू, व्याख्याता (एल.बी.) शासकीय हाई स्कूल मोखा, विकासखंड गुरूर जिला बालोद (छ.ग.) को प्रथम दृष्टया छात्राओं से छेड़छाड़ का दोषी पाया गया। जिस पर कलेक्टर के निर्देशानुसार त्वरित कार्यवाही करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बालोद द्वारा उक्त दोषी व्याख्याता के निलंबन की कार्यवाही हेतु संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ नवा रायपुर को पत्र लिखा गया। संस्था के प्राचार्य एवं व्याख्याताओं को इस घटना की जानकारी होने के उपरांत भी उच्च कार्यालय को जानकारी नहीं दिये जाने के कारण इस अप्रिय घटना के कारण शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है। जिसके कार्यवाही में संस्था के प्राचार्य एवं समस्त व्याख्याताओं की संचयी प्रभाव से 02 वेतनवृद्धि रोकने की अनुशंसा संचालनालय, छत्तीसगढ़ नवा रायपुर से की गई है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना होने हेतु जिले के समस्त प्राचार्य एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए तत्काल संस्था में शिक्षकों की बैठक बुलाकर ऐसी घटनाओं पर विराम लगाने एवं शिकायत प्राप्त होते ही उच्च कार्यालय को सूचित करने हेतु आदेशित किया गया है।

ये रहा जांच प्रतिवेदन

कैलाश कुमार साहू व्याख्याता (एल.बी.) के द्वारा शाला में छात्राओं से छेड़छाड़ संबंधी शिकायत जांच हुई। कलेक्टर जिला बालोद के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (रा.), गुरुर, जिला बालोद (छ.ग.) एवं जिला शिक्षा अधिकारी बालोद द्वारा दिनांक 19 जून.2022 को प्रातः 10:30 बजे शासकीय हाई स्कूल मोखा, विकासखंड गुरूर जिला बालोद (छ.ग.) में जांच किया गया। जांच में छात्र-छात्राओं एवं व्याख्याताओं के बयान लिये गये जिसमें श्री कैलाश कुमार साहू व्याख्याता (एल.बी.) शासकीय हाई स्कूल मोखा, विकासखंड गुरूर जिला बालोद (छ.ग.) को प्रथम दृष्टया छात्राओं से छेड़छाड़ का दोषी पाया गया। साथ ही संस्था के प्राचार्य एवं व्याख्याताओं को इस घटना की जानकारी होने के उपरांत भी उच्च कार्यालय को जानकारी नहीं दिया गया। इस अप्रिय घटना के कारण शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है।
अतएव कैलाश कुमार साहू, व्याख्याता (एल.बी.) शासकीय हाई स्कूल मोखा, विकासखंड गुरुर जिला बालोद (छ.ग.) के निलंबन की अनुशंसा की जाती है एवं उक्त संस्था में कार्यरत निम्न व्याख्याताओं के संचयी प्रभाव से 02 वेतनवृद्धि रोकने की अनुशंसा की जाती है । जिनमें 1. श्री एन. के. साहू व्याख्याता एल. बी. (प्रभारी प्राचार्य), 2. श्री राधारमण वारदे, व्याख्याता एल. बी.,3. बसंत कुमार हिरवानी, व्याख्याता एल.बी., 4. श्रीमती पवनरेखा मरकाम, व्याख्याता एल.बी. शामिल हैं।

अब एफ आई आर दर्ज करने की उठ रही मांग
मामले में भाजपा नेता अजेंद्र कुमार साहू ने दोषी शिक्षक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब जांच में सबसे सामने आ चुका है तो उसके विरुद्ध निलंबन की अनुशंसा के साथ-साथ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाना चाहिए। यह गंभीर मामला है इसके लिए वे स्वयं आगे आकर आंदोलन करेंगे।

शाला प्रबंधन समिति की भूमिका संदेह में

वहीं जहां शिक्षा विभाग ने जांच में माना है कि मामले को प्रभारी प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों ने दबाए रखा था। जिसके कारण उनके खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जा रही है। तो दूसरी ओर शाला प्रबंधन समिति की भूमिका भी संदिग्ध है। शाला प्रबंधन समिति का मूल काम होता है कि वे निगरानी करें। स्कूल में जो भी हो रहा है उसकी रिपोर्ट लेते रहे। लेकिन इतनी बड़ी बात आखिर छुपी कैसे थी या छिपाई गई थी यह जांच का विषय है। जब स्वयं पालक और पूर्व में शाला प्रबंधन समिति भी इसे लेकर शिक्षक को हिदायत देने की बात कह चुके थे। तो फिर जब दोबारा उसी तरह की हरकत की जा रही है तो फिर क्यों शिक्षक का बचाव शाला प्रबंधन के कुछ पदाधिकारी कर रहे हैं यह सवाल खड़े करता है।

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