पिछली घटनाओं से सबक- इस बार आदिवासी समाज के जेल भरो आंदोलन और रैली की पुलिस करती रही ड्रोन से निगरानी, बालक दास की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन, 621 ने दी गिरफ्तारी, पढ़िए पूरा मामला,,,



बालोद। मंगचुआ थाना इलाके के तुएगोंदी में हुए बलवा के मामले में प्रमुख षड्यंत्रकारी बालक दास को होने का आरोप लगाते हुए सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने बालोद में जिला स्तरीय प्रदर्शन व जेल भरो आंदोलन किया। जिसके तहत गोंडवाना भवन गंजपारा से शहर के मुख्य मार्गों में रैली निकाली गई और सरदार पटेल मैदान के पास गिरफ्तारी दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष मौजूद रहे। जो नारेबाजी करते हुए रैली में शामिल हुए। सामाजिक झंडा लिए बालक दास के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग को लेकर समाज के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रही। पिछले बार बालोद बंद के दौरान गुंडरदेही में क्रांति सेना और व्यापारियों के बीच मारपीट की नौबत आ गई थी। जिसे देखते हुए इस बार पुलिस प्रशासन व्यवस्था तगड़ी रखी गई थी। 1 दिन पहले से ही पुलिस फ्लैग मार्च किया गया था। ताकि अपराधी किस्म के लोगों में भय बना रहे। तो वहीं जिले की सीमाओं पर भी बाहर से आने वाले लोगों पर पाबंदी लगा दी गई थी। पिछली बार जो गुंडरदेही में बलवा की स्थिति निर्मित हुई थी उसमें खासतौर से क्रांति सेना के जो लोग गिरफ्तार हुए थे वह दूसरे जिले के थे। इसलिए इस बार बाहर के लोगों पर इस प्रदर्शन में शामिल होने पर पाबंदी लगा दी गई थी। लाठी या किसी तरह के हथियार लेकर प्रदर्शन में आने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। इतना ही नहीं इस बार ड्रोन तक से भी पुलिस प्रशासन द्वारा निगरानी की जा रही थी ।ताकि कहीं विवाद विवाद की स्थिति हो तो आरोपियों की पहचान की जा सके। हालांकि इस बार ऐसी नौबत नहीं आई। नारेबाजी के साथ रैली निकालते हुए प्रदर्शन किया गया और 621 लोगों ने गिरफ्तारी दी। समाज के लोगों का कहना है कि तूएगोंदी में जो बाहर से आकर लोगों ने जीव सेवा कर रहे लोगों पर हमला किया, बलवा की स्थिति हुई वह सब पाटेश्वर धाम के महंत बालक दास की इशारे पर हुआ। इसके षड्यंत्र कारी बालक दास है इसलिए उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। लेकिन अब तक मुख्य षड्यंत्रकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिसके चलते यह जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है। इस जेल भरो आंदोलन में पहुंचे सोहन पोटाई ने कहा कि बालक दास हमारे क्षेत्र में स्वयं आए थे हमने उन्हें बुलाया नहीं था। इसलिए हम उनके रीति रिवाज से नहीं अपने रीति रिवाज से चलेंगे। उन्हें हमारी परंपरा माननी होगी, हम उनका नहीं मानेंगे। तो वही अरविंद नेताम ने भी कहा कि ऐसा लग रहा है कि पूर्व सरकार भाजपा की तरह वर्तमान कांग्रेस सरकार भी बालक दास का संरक्षण कर रही है और यही वजह है कि बलवा केस में षड्यंत्रकारी बालक दास की अब तक किसी तरह की गिरफ्तारी नहीं हुई है, ना ही कोई कार्यवाही की जा रही है। और जिसके चलते यह प्रदर्शन करना पड़ा है। कार्रवाई ना होने की दिशा में आगे और आंदोलन किया जाएगा।

संगठन के नाम पर फुट

सोशल मीडिया में सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के नाम से एक लेटर पैड भी वायरल हुआ है। जिसमें अध्यक्ष भारतसिंह के द्वारा लिखित में कहा गया है कि तूएगोंदी मामले में जो जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है। उसमें हमारे संगठन का कोई हाथ नहीं है। प्रदेश स्तर पर हमारा संगठन कोई इस आंदोलन को समर्थन नहीं दे रहा है। इस लेटर पैड पर बालोद के सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष उमेंदी राम गंगराले का कहना है कि मूल संगठन हमारा है जो लेटर पर वायरल हुआ है वह सरकार समर्थित कुछ लोग हैं जो संगठन बना लिए हैं। इसका फैसला कोर्ट में होगा।

आरोपों से घिरे बालक दास ने कहा- जिस दिन घटना हुई मैं तो बेरला में था

फ़ाइल फ़ोटो

अपने गिरफ्तारी व अपने खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर पाटेश्वर धाम के संत बालक दास ने कहा कि समाज द्वारा जो आरोप लगाया जा रहा है वह निराधार है। वह मुझे षड्यंत्रकारी बता रहे हैं जबकि जिस दिन घटना हुई उस दिन मैं तो बेरला में यज्ञ में था। जिन लोगों के साथ तूएगोदी में मारपीट हुई वह हिंदुत्व के समर्थक थे। वह वहां जीव हत्या की जानकारी मिलने के बाद देखने के लिए पहुंचे थे। उन्हें समझाना चाह रहे थे लेकिन समाज के लोगों ने पहले उन पर हमला किया। आत्मरक्षा में उन लोगों ने भी उनके साथ मारपीट की। समाज का कहना है कि मैंने गुंडे भेजे थे। जबकि वह गुंडे नहीं थे, सभ्य परिवार के लोग थे। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वह भी घायल हुए हैं। उनकी भी रिपोर्ट हमारे पास आई है। जिनमें धारा 307 भी लग सकती है। लेकिन अब तक एक पक्षीय कार्रवाई की जा रही है। हमारे द्वारा भी जीव हत्या की आशंका व जब हो रहा था उसमें भी शासन-प्रशासन को सूचना दी गई थी। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। एफआईआर करने की मांग भी हमने की। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भड़काऊ ऑडियो के आरोप पर उनका कहना है कि मैंने किसी तरह से भड़काऊ ऑडियो वायरल नहीं किया। मिशनरी से जुड़े हुए लोग समाज के लोगों को बहला कर हमारी संस्कृति को नष्ट करना चाह रहे हैं। सच्चाई जाननी है तो मीडिया वालों को ग्राम तुएगोंदी में जाकर पड़ताल करनी चाहिए सब साफ हो जाएगा।

पुलिस प्रशासन रही अलर्ट

इस पूरे विरोध रैली व जेल भरो आंदोलन के दौरान एसपी जितेंद्र यादव, एएसपी प्रज्ञा मेश्राम, एसडीओपी बोनिफास एक्का, डीएसपी राजेश बांगड़े, थाना प्रभारी नवीन बोरकर सहित अन्य थाने की पूरी टीम तैनात रही। सदर बाजार का रूट डायवर्ट किया गया था। तो वहीं ट्रैफिक जाम ना हो इसका भी ध्यान रखा गया था। जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे ।ताकि किसी तरह के विवाद की स्थिति पैदा ना हो। वही शांतिपूर्ण तरीके से जेल भरो आंदोलन संपन्न होने पर व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजू पटेल ने भी पुलिस प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा बेहतर सुरक्षा की गई थी। व्यापारियों को कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा और आम जनता को भी कोई परेशानी नहीं हुई। समाज ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया।

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