हत्या के दो मामलों में पतियों को आजीवन कारावास की सजा, एक ने दबाया था गला, दूसरे ने केरोसिन से जलाया था,बालोद की लेडी जज ने दिया फैसला



बालोद। बालोद कोर्ट की महिला जज सरोज नंद दास ने हत्या के दो जघन्य मामलों में दो पतियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें एक मामले में पति द्वारा पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने से मना करने पर केरोसिन से जलाकर मारा गया था तो दूसरी घटना में पत्नी का व्यवहार सास ससुर के प्रति ठीक ना होने के चलते तनाव में आकर गला दबाकर हत्या की गई थी। सरोज नंद दास प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी भेमेश्वर उर्फ रवि पिता अशोक कुमार बिंझेकर, उम्र 30 वर्ष, निवासी बरही थाना व जिला बालोद (छ0ग0) को धारा 302 भा.दं.सं. के अपराध में आजीवन कारावास व 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण के अतिरिक्त लोक अभियोजक चित्रांगद देशमुख के अनुसार आरोपी भेमेश्वर उर्फ रवि अय्यास किस्म का व्यक्ति था, जो कि शराब पीकर अपनी पत्नी से हमेशा लड़ाई-झगड़ा करता था। -24 सितंबर 2019 के रात के करीब 11-12 बजे के बीच आरोपी अपने पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने की बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा किया और उसके शरीर में मिट्टी तेल डालकर माचिस मारकर हत्या करने के लिए आग लगा दिया, जिससे लक्ष्मी बाई बिंझेकर बुरी तरह से आग से जल गयी थी। जिसे उपचार के लिये जिला अस्पताल बालोद तदोपरांत रिफर करने पर डी. के. एस. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल रायपुर में भर्ती किये थे। थाना गोलबाजार रायपुर को डी. के. एस. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पीटल, रायपुर से मृतक लक्ष्मी बाई की जलने से मृत्यु होने की सूचना मिलने पर आरक्षक पूरनलाल चंद्रवंशी क्रमांक 865 थाना गोलबाजार द्वारा बिना नंबरी मर्ग इंटीमेशन दर्ज कर मृतिका लक्ष्मीबाई के शव का नक्शा पंचायतनामा गवाहें को नोटिस देकर तैयार कर शव का पी.एम. कराकर मृतिका लक्ष्मीबाई द्वारा दिये गये मरणासन्न कथन के साथ दर्ज मर्ग इंटीमेशन थाना बालोद को प्राप्त होने पर थाना बालोद द्वारा आरोपी भेमेश्वर उर्फ रवि के विरूद्ध असल नंबरी पश्चात् अपराध क 36 / 2019 पर धारा 302 भा.दं.सं. के तहत् दर्ज कर पुलिस उ.नि. कैलाश चंद्र मरई के द्वारा घटना स्थल का नक्शा तैयार कर आरोपी से पूछताछ की गई और उसके मेमोरेण्डम गवाहों के समक्ष दर्ज किया गया और उसके निशानदेही पर गवाहों के समक्ष आरोपी से मिट्टी तेल का प्लास्टिक डिब्बा और एक माचिस डिब्बी जप्त किया गया। विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

पत्नी की गला को दबाकर हत्या करने पर आरोपी पति को मिला आजीवन कारावास

इसी तरह श्रीमती सरोज नंद दास प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी शैलेन्द्र कुमार नेताम पिता भगवानी नेताम, उम्र 25 वर्ष, साकिन आदिवासी पारा शिवचौक कंवर, थाना-गुरुर चौकी कंवर, जिला बालोद (छ०ग०) को धारा 302 भा.दं.सं. के अपराध में आजीवन कारावास व 1000 /- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। मुकेश कुमार साहू वार्ड ब्वाय, सी.एच.सी. गुरूर द्वारा प्रीति नेताम की मृत्यु के संबंध में अस्पताली मेमो लाकर पेश करने पर स.उ.नि. रमेश कुमार साहू द्वारा दिनांक 2 मई 2020 को मर्ग नम्बर 29/2020 दर्ज किया। मर्ग जांच के दौरान गवाहों को नोटिस देकर गवाहों के समक्ष शव का नक्शा पंचायतनामा तैयार कर मृतिका प्रीति नेताम के शव का परीक्षण कराया गया, जिसमें प्रीति नेताम की हत्या गला दबाकर हत्या करना पाये जाने पर अपराध क. 165/2020 पर धारा 302 भा.दं.सं. के तहत् दर्ज कर पुलिस उ.नि.कैलाश चंद्र मरई के द्वारा घटना स्थल का नक्शा तैयार कर आरोपी से पूछताछ की गई और उसके मेमोरेण्डम गवाहों के समक्ष दर्ज किया गया और उसके निशानदेही पर गवाहों के समक्ष एक गमछा जप्त किया गया। विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। धारा 357- क दं.प्र.सं. के प्रावधान अनुसार मृतिका प्रीति नेताम के संरक्षक या विधिक उत्तराधिकारी (अभियुक्त शैलेन्द्र नौतम जो कि मृतिका का पति है, को छोड़कर) को छ. ग. शासन द्वारा निर्मित पीडित क्षतिपूर्ति योजना के अनुसार प्रतिकर राशि दिलायी जाने का आदेश पारित किया गया। इस घटना के दौरान जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपी ने पत्नी का गला परिवारिक विवाद के चलते बढ़ते तनाव से दबाया था। आरोपी का कहना था कि उनकी पत्नी का व्यवहार अपने सास-ससुर याने आरोपी के माता-पिता के प्रति ठीक नहीं था। आए दिन उनसे वाद-विवाद, गाली गलौज करती थी। जिससे घर में अशांति रहती थी।

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