दल्ली राजहरा। ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ एवं सीटू यूनियन द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 7 जनवरी 2022 को हुए समझौते को अमल कराने हेतु 16 अप्रैल 2022 को खदान एवं प्लांट क्षेत्रों में उत्पादन के 65 से 75 % हिस्सेदारी रखने वाले ठेका श्रमिकों को बी.एस.पी संबंध द्वारा आश्वासन देकर ठेका श्रमिकों के लिए हुए समझौते पर अमल करने की तारीख को बढ़ाते हुए बी.एस.पी प्रबंधन की टाल-मटोल की रवैय्या को देखते हुए राजहरा माइंस ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन कर राजहरा खान समूह के मुख्य महाप्रबंधक एवं कार्मिक विभाग के अधिकारियों से 7 जनवरी 2022 को हुए समझौते को अमल करने पर चर्चा की गई।संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ एवं सीटू यूनियन के पदाधिकारियों एवं प्रबंधक द्वारा समझौते के अनुरूप चर्चा पर सहमति नहीं बन पाई है।पदाधिकारियों द्वारा प्रबंधन को चेताया गया।इस समझौते के साथ दल्ली राजहरा में श्रमिकों के साथ कुछ एक नया साजिश भी रच ली जा रही है। जो अपने आप को ठेका श्रमिकों का हिमायती बताने वाला ही पुराने श्रमिकों को हटाकर नए श्रमिकों को भर्ती करने की प्रक्रिया में हामी भरने में पीछे नहीं है। जमीन साथियों से दोनों यूनियन के पदाधिकारियों ने अपील की है ,कि ऐसे साजिश करने वाले लोगों पर नजर रखने भी कहा है । आने वाले दिनों में यदि ठेका श्रमिकों के लिए 7 जनवरी 2022 को हुए समझौते को अमल नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। धरना प्रदर्शन में सैकड़ों ठेका श्रमिकों एवं आंदोलन को सहयोग प्रदान करते हुए नियमित कर्मचारी के साथ-साथ स्थानीय बेरोजगार नौजवान साथी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। जिनमें प्रमुख रूप से सोमनाथ उईके (अध्यक्ष-छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ)प्रकाश छत्रिय (अध्यक्ष-सीटू),रामचरण नेताम(महामंत्री-छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ),ज्ञानेंद्र सिंह(कार्यकारी अध्यक्ष-सीटू),शैलेषकुमार बंबोरी(सक्रिय कार्यकारी सदस्य-छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक श्रमिक संघ),पी.सिमैय्या(महासचिव-सीटू),एवं दोनों यूनियन के सैकड़ों श्रमिकों व पदाधिकारियों ने ठेका श्रमिकों के मांगों को 7 जनवरी 2022 को हुए समझौते के अनुरूप अमल करने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया,और आगे भी अपने लंबित मांगों को हासिल करने में कदम से कदम मिलाकर चलने की संकल्प भी लिया।
बीएसपी के टालमटोल रवैए के खिलाफ दल्ली में छग माइंस श्रमिक संघ एवं सीटू यूनियन ने किया प्रदर्शन, पढ़िए क्या है मुद्दा,,,
