बालोद। राज्य स्तरीय ऑनलाइन वेबीनार एनटीसीएफ नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन द्वारा
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
नारी शिक्षा अलंकरण – 2022
का आयोजन किया गया। जिसमे उस नारी शक्ति का सम्मान किया गया। जो अपने घर के अलावा अपने कार्य क्षेत्रों में बेहतर से बेहतरीन कार्य कर रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एनटीटीएफ के अध्यक्ष अरुण कुमार साहू ने कहा कि नारी धरती की तरह मानवीय सृजन क्षमता एवं संपदा से परिपूर्ण है। शिक्षकों में वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, कलात्मक प्रतिभा एवं रचनात्मक कार्यों को अवसर प्रदान करना ही मंच का उद्देश्य है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शमशाद बेगम
समाज सेविका पद्मश्री अवार्ड थी। विशिष्ट अतिथि श्रीमती सरिता पांडे राज्य प्रशिक्षण आयुक्त भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ पदमा जगत टी आई ,बालोद ,सुश्री लक्ष्मी करियारे प्रसिद्ध लोक गायिका जांजगीर चांपा,संचालन श्रीमती मीना राजवाड़े श्रीमती कैशरीन बेग, कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती कैशरीन बेग थी। सरस्वती वंदना- श्रीमती मुनमुन सिन्हा जिला बालोद,राजकीय गीत -श्रीमती लक्ष्मी राठी जिला बालोद,स्वागत गीत प्रतिभा त्रिपाठी द्वारा दिया गया। पद्मश्री शमशाद बेगम द्वारा अपने जीवन में किए गए संघर्ष और संघर्षों से मिले प्रति फलों की जानकारी दी कि किस तरह उन्होंने एक छोटे से शुरुआत से एक जन सैलाब आई। तरक्की उनके परेशानियों को किस तरह दूर किया। जहां उन्होंने साक्षरता के लिए इतना बड़ा आंदोलन शुरू किया। उन्होंने मानव मात्र की सेवा को ही अपना धर्म समझा और कार्य करते गई। निस्वार्थ सेवा से और आज उनके पीछे लाखों महिलाएं कार्य कर रही है। उन्होंने किसी भी विषम परिस्थितियों लड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।अतिथि के रूप में आई प्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री लक्ष्मी कलियारे द्वारा मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्हें आगे बढ़ने और यह प्रेरणा दी कि वह हर कार्य कर सकती हैं कोमल है किंतु कमजोर नहीं वह चाहे तो हर कार्य कर सकते हैं।
विभिन्न जिलो से शिक्षिकाओं को नारी शिक्षाअलंकरण सम्मान दिया गया।

,श्रीमती वंदिता शर्मा- जिला मुंगेली, श्रीमती प्रज्ञा सिंह –जिला दुर्ग ,श्रीमती गीता शरणागत- गरियाबंद , मंजूषा साहू -धमतरी, हिम्कल्याणी सिन्हा -बेमेतरा ,रामकुमारी देवांगन -कोरबामीना राजवाड़े -सूरजपुर ,पुष्पा चौधरी- बालोद
वैशाली जवार- धमतरी,मनीषा सोनी- दंतेवाड़ा , चंचल चंद्राकर- सुकमा, नंदा देशमुख -दुर्ग,उर्वशी मिश्रा- बिलासपुर
, सुधा रानी शर्मा- मुंगेली ,मोनू गुप्ता -कवर्धा , सुचित्रा सामंत- बस्तर, प्रीति रानी तिवारी- रायपुर , शालिनी पंकज दुबे- बेमेतरा,सरस्वती गिरिया- जिला दुर्ग, कांता शर्मा- राजस्थान , प्रतिभा त्रिपाठी- बालोद , सुनीता साहू -बलोदा बाजार,मीनाक्षी सोनी- बेमेतरा ,मीरा साहू -जिला बिलासपुर,मंजू लता श्रवण- बालोद, ज्योति सक्सेना- चांपा
कैशरीन बेग -बालोद, पुष्पा पटेल,जरीना खातून, ममता साहू -कांकेर,मीना भारद्वाज- बालोद,श्रद्धा शर्मा, शशि कला सोनी- कोरबा , मुनमुन सिन्हा- बालोद , मोहनी गोस्वामी- गरियाबंद , मंजू साहू-बेमेतरा
ज्योति,बनाफ़र-बेमेतरा,कुमुदिनी शराफ- बलोदा बाजार
शोभा बेंजामिन- बालोद
हर्षा देवांगन -बालोद, शिल्पी राय, विभा सोनी- बिलासपुर
संगीता सोरी-कोंडागांव,वी यदु-धमतरी, शिल्पी रॉय, लता बेला मोंगरे- गरियाबंद, नीता जैन- दुर्ग
सम्मानित नारियो के द्वारा किये गए कार्य
एनटीटीएफ के द्वारा नारी अलंकरण किया गया। अपनी अभिव्यक्ति शिक्षा में योगदान समाज में योगदान एवं उनके द्वारा विशिष्ट उपलब्धियों को अभिव्यक्त किया गया जिसमें उन्होंने अपने द्वारा किए गए कार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि वह जहां बच्चों के साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार उनके लिए यथासंभव कार्य करती हैं जोकि मन से धन से और मनोभाव से लगातार कार्य कर रही है उन्होंने बताया कि बच्चोंके संज्ञानात्मक व और सहसंज्ञानात्मक विकास हेतु उन्होंने इस प्रकार से कार्य किया जहां आसपास की वस्तु से लेकर कबाड़ से जुगाड़ बाल विज्ञान कांग्रेस माताओं के लिए समुदाय से जोड़ करके उन्होंने कार्य किया राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर बच्चों को आगे लाने के लिए उन्होंने मेहनत की सुदूर अंचल के बच्चों के लिए कार्य किया। उद्बोधन धर्मेंद्र कुमार श्रवण ने व
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियो का धन्यवाद ज्ञापन मधुमाला कौशल ने किया।
