बालोद । कुसुमकसा के किसान तिहार सिंह तारम ने शासन प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दे डाली है। दरअसल में मामला उनके राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि का है। जिसकी वजह से वे धान नहीं बेच पा रहे। इसके लिए उन्होंने राजस्व विभाग के अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है। जिनकी वजह से उनका रिकॉर्ड गड़बड़ हो गया है और वे धान बेचने से वंचित हो रहे हैं। जिसे देखते हुए अब किसान ने आर या पार की लड़ाई लड़ने की सोच ली है व शासन प्रशासन के नाम से ज्ञापन देते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। इस ज्ञापन के मुताबिक किसान ने पहले 25 से लेकर 29 जनवरी तक परिवार सहित धान खरीदी केंद्र कुसुमकसा शिकारीटोला में धरने पर बैठने की बात कही है। उसके बाद 30 जनवरी को आत्मदाह करने की चेतावनी दी गई है। जिसकी जवाबदारी संपूर्ण शासन प्रशासन की होगी।
ये लिखा है ज्ञापन में
कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन में किसान ने लिखा है कि धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा मे 25 से 29 जनवरी तक परिवार सहित धरना प्रदर्शन करने की सूचना दे रहा। मैं तिहार सिंह तारम, आत्मज बनिहार सिंह तारम जाति हल्बा ग्राम कुसुमकसा का मूल निवासी हूँ। जो कि मेरी निजी भूमि खसरा नं. 1236 रकबा 0.56 हे भूमि को न्यायालय तहसीलदार दल्लीराजहरा द्वारा राजस्व अभिलेख से गायब करने के कारण मै वर्तमान में धान बेचने में असमर्थ हूं। जिसके कारण 25 जनवरी से 29 जनवरी 2022 तक पूरे परिवार सहित धान खरीद केन्द्र कुसुमकसा (शिकारीटोला) में धरना प्रदर्शन करूंगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी । 29 जनवरी तक न्यायालय तहसीलदार दल्लीराजहरा द्वारा मेरी कृषि भूमि खसरा नं 1236 रकबा नं. 0.56 है. पुस्तिका क्रमांक 222175 में वापस दर्ज नहीं कराने की स्थिति में 30 जनवरी को मेरे द्वारा आत्मदाह किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डी लोहारा जिला बालोद (छ.ग.), पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार डौण्डी, थाना प्रभारी दल्लीराजहरा को भी भेजी जा रही है। इस प्रकरण के संबंध में पहले भी अधिकारियों को जानकारी दिया जा चुका है। जिसमें अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। इन सब परिस्थितियों से परेशान होकर किसान ने अब आत्मदाह की चेतावनी दी है तो वही किसान के इस चेतावनी के बाद प्रशासन में खलबली भी मची हुई है।
