अच्छी पहल :- बंजर भूमि में हरियाली बिखेरने का कार्य कर रही है पंचायत, हुए कई कार्य राघोनवागांव में वृक्षारोपण के बाद बन रहा है उद्यान



बालोद। बंजर जमीन तथा पानी की कमी के बावजूद राघोनवागांव में हरियाली बिखेरने का अनूठा कार्य चल रहा है। इस काम में पंचायत के साथ साथ ग्रामीण भी लगातार प्रयास कर रहे है। ग्राम आदिवासी बाहुल्य है। मनरेगा के तहत कराए गए वृक्षारोपण कार्य की प्रशंसा जिला स्तर पर हुई है। कठोर मुरूम जमीन के बाद भी 600 से अधिक नीम,आवला,गुलमोहर, करंज,कुसुम सहित विभिन्न प्रजातियों के पोधे लगाए गए थे। वे आज भी सुरक्षित है। इन्हें देखने जिले से बाहर की टीम आई थी। वर्ष 2017-18 मे मनरेगा के तहत छ: सौ छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए थे। वे आज वृक्ष बन गए हैं। इन पेड़ों की देखरेख एवं सुरक्षा का काम पंचायत कर रही है।

उद्यान ले रहा है आकार :-
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्राम राघो नवागांव में उद्यान का कार्य किया जा रहा है। जिला पंचायत विकास निधि से ₹7 लाख की लागत से उद्यान में पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं। 22/50 में बनने वाले उद्यान में दो प्रवेश द्वार तथा खूबसूरत फूलों के साथ हरियाली के लिए हरी घास बिछाई जाएगी। उद्यान मुरूम भाठा में बन रहा है। गांव में पानी की भी किल्लत है।

वृक्षारोपण से निखरी गांव की तस्वीर :-

ग्रामीण राधेश्याम सुधाकर, मोहितकुमार, धर्मेंद्रकुमार, तथा छबीलाल ने बताया कि गांव में सड़क के दोनों किनारे पहले खाली जमीन दिखाई देती थी। लेकिन जब से वृक्षारोपण का कार्य हुआ है तब से हरियाली दिखाई दे रही है। इसी प्रकार पंचायत ने पांच – सात वर्षों से लगातार निजी भूमि एवं बाड़ी में फलदार तथा छायादार पौधे लगाने के लिए वितरण किए हैं। इससे भी गांव की तस्वीर बदली है।

बच्चों के मनोरंजन के साधन तथा प्ले ग्राउंड की आवश्यकता :-

पंचायत के पंच हुमकरण सुधाकर, मीराबाई, भुनेश्वरी शांडिल्य, व मिथिलेशवरी सुधाकर ने बताया कि गांव में उद्यान बन रहा है। इससे गांव की खूबसूरती बढ़ेगी। उद्यान में बच्चों को खेलने झूला, फिसल पट्टी एवं अन्य साधन की कमी है। उन्होंने बच्चों के लिए प्ले ग्राउंड की भी मांग की।

पर्यावरण संरक्षण आवश्यक:-

जलवायु परिवर्तन को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण आवश्यक है। सरपंच संतराम सुधाकर रिटायर प्राचार्य है। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीणों की सोच पर्यावरण संरक्षण की है। गांव में वृक्षारोपण की शुरुआत हुई है। अभी और अधिक पेड़ लगाना चाहिए। नीरज वर्मा परियोजना अधिकारी मनरेगा डौंडीलोहारा ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीणों के मेहनत से गांव में हरियाली आई है। बहुत अच्छा कार्य हुआ है।

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