शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दे : कुंवरसिंह




देवरीबंगला / ग्राम जेवरतला के शिवम पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव एवं स्नेह सम्मेलन में संसदीय सचिव व विधायक कुंवरसिंह निषाद पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उनकी प्रतिभाओं को सामने लाने की आवश्यकता है। बच्चों की माता प्रथम गुरु होती है। वे बच्चों को संस्कारवान बनाएं। इसी प्रकार स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा के साथ ही गुरुजन बच्चों को संस्कार भी सिखाएं। हमारी शिक्षा अंग्रेजी हो लेकिन संस्कार पुराने हो। आज छत्तीसगढ़ की संस्कृति संस्कार एवं कला की दुनिया में डंका बजा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। स्नेह सम्मेलन को जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री केशव शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं। कुम्हार गीली मिट्टी से दीपक, मटकी या कवेलू बनाते हैं। उसी तरह शिक्षक भी बच्चों को कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर बना सकते हैं। स्नेह सम्मेलन को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कोदूराम दिल्लीवार, विद्यालय संचालक पुरुषोत्तम साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनपद सदस्य राजेश साहू, सरपंच खेमिन ढाले, ऐवनी साहू, पूर्व सरपंच चंद्रहास चापिरा, ऐनकुमार साहू, ग्राम प्रमुख सुरेंद्र साहू, यादवराम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थी। विद्यालय के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने संसदीय सचिव का सम्मान किया।

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