
बालोद। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का बालोद जिला आगमन पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर ग्राम ईरागुड़ा में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का जोरदार अभिनंदन हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यक्रम की पूरी बागडोर युवा मोर्चा के नेता सौरव लुनिया ने संभाली थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी अभूतपूर्व स्वागत के लिए सभी को बधाई दी। इस कार्यक्रम के बाद निश्चित रूप से सौरभ लूनिया का कद बालोद जिले की राजनीति में बढा है। जो चर्चा का विषय बन गया है। विगत दिनों गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम इरागुड़ा में गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर अतिथि के रूप में डॉ रमन सिंह ,श्रीमती रेणुका सिंह, कांकेर लोकसभा के सांसद मोहन मंडावी ,बाल संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय सदस्य यशवंत जैन प्रदेश भाजपा के मंत्री राकेश यादव क्षेत्र के पूर्व विधायक रहे वीरेंद्र साहू राजेंद्र राय हस्तशिल्प बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष दीपक साहू व युवा मोर्चा के वरिष्ठ नेता सौरभ लुनिया सहित ग्रामीण जन सतनामी समाज के बंधु गण एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।

बालोद जिला के प्रवेश द्वार खप्परवाड़ा में पुष्पेंद्र चंद्राकर जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। जहां बड़ी संख्या में युवा एवं महिला बहने उपस्थित रहे। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला आगे बढ़ते हुए ग्राम कचांदुर पहुंचा। जहां पर क्षेत्र के पूर्व सांसद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद साहू के स्थापित मूर्ति पर पूर्व मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर हस्तशिल्प बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष दीपक साहू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद काफिला गुंडरदेही प्रवेश किया। जहां पर पूर्व विधायक राजेंद्र राय के पेट्रोल पंप में अर्जुंदा खेरथा मंडल द्वारा भव्य स्वागत किया गया। राजेंद्र राय द्वारा भी डॉक्टर रमन सिंह का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। आगे धमतरी चौक में भारतीय जनता पार्टी गुंडरदेही मंडल के नेतृत्व में डॉ रमन सिंह का भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में युवा मोर्चा के साथियों द्वारा बाइक रैली के माध्यम से भी डॉ रमन सिंह का स्वागत किया गया। तत्पश्चात रमन सिंह कार्यक्रम स्थल में पहुंचे। जहां जैतखाम में पहुंचकर पूजा अर्चना व माल्यार्पण किया। फिर मंच पर आने पर सतनामी समाज द्वारा उन्हें लड्डुओं से तौला गया और कार्यक्रम के अवसर पर डॉ रमन सिंह ने कहा की गुरु घासीदास के आदर्शों पर मैंने 15 वर्ष काम किया है। उनका कहना था कि कोई आदमी भूखा नहीं सोना चाहिए, कोई आदमी भूखा नहीं रहना चाहिए इसीलिए हमने ₹1 किलो में मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना चालू की थी। उन्होंने इस अवसर पर सतनामी समाज के बंधुओं को गुरु घासीदास जयंती की बधाई दी और किसानों के लिए बात कहते हुए उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार ने आज 900 करोड़ का धान एक दिन में बर्बाद कर दिया। छत्तीसगढ के किसानों का अपमान है और। एक ओर यह सरकार किसानों की चिंता की बात कहती है, मगर इनको किसानों से ज्यादा घर पहुंच दारू बेचने की चिंता है। आगे बात रखते हुए उन्होंने कहा आपको 15 वर्ष के भाजपा के कार्यकाल के साथ-साथ इन 3 वर्षों के तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए और उस आधार पर आने वाले समय में निर्णय लेना चाहिए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने भी सतनामी समाज को गुरु घासीदास जयंती की बधाई दी और कहा कि यह डॉ रमन सिंह की देन है की गिरोदपुरी में उन्होंने विश्व का सबसे बड़ा जैतखाम बनाया है। डॉ रमन सिंह ने सतनामी समाज को बढ़ाने के लिए 15 साल काम किए है और आप सब के इस कार्यक्रम में आने के लिए मुझे भी उत्सुकता थी। मैं सीधा दिल्ली से चलकर आप लोगों के बीच पहुंच रही हूं। कांकेर लोकसभा के सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि गुरु घासीदास जी सब को एक समान मानते थे, वे कभी भेद नहीं करते थे। इसी राह पर इस प्रदेश में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपनी सरकार चलाई थी। आज इस अवसर में मैं सतनामी समाज के बंधुओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं गुरु घासीदास जयंती की। उन्होंने आगे कहा कि समाज के बंधुओं को गुरु घासीदास जी के बताए मार्गों का अनुसरण कर उनकी बताई हुई बातों का अनुसरण कर आगे बढ़ना चाहिए। गुरु घासीदास जी जैसे संत बहुत कम होते हैं मैं इस अवसर पर उन्हें नमन करता हूं।
कार्यक्रम में सतनामी समाज ने डॉ रमन सिंह जी सहित सभी अतिथियों का पगड़ी एवं साल भेंट कर अभिनंदन किया।कार्यक्रम के अवसर पर सरपंच योगेश चंद्राकर ने ग्राम के लिए कुछ मांगे डॉ रमन सिंह के समक्ष रखी। जिसे रमन सिंह ने अपने भाषण में जिला पंचायत सदस्यों की सहमति से घोषणा की।
यह समस्त जानकारी सतनामी समाज के अध्यक्ष रोमन कुर्रे ने दी।
