समाज की शक्ति नारी है,,,शक्ति दिवस पर नारी शक्ति को बढ़ावा देने इस गांव में हुई अनूठी पहल, आयोजन की बागडोर संभाली महिलाओं ने,अतिथि भी बनी नारियां



बालोद। हल्बा समाज ने शक्ति दिवस के आयोजन में एक अच्छा नवाचार किया। शक्ति दिवस पर नारी शक्ति को बढ़ावा देने का यह आयोजन बालोद ब्लॉक में अखिल भारतीय हल्बा समाज ग्राम बोड़की में हुआ। जहां पर आयोजन की पूरी बागडोर महिलाओं ने संभाली।महिलाओं को ही अतिथि बनाए गए थे। दर्शक दीर्घा में भी अधिकतर महिलाएं मौजूद थी। महिलाओं ने ही मंच संचालन किया तो निर्देशन भी किया। गांव के हल्बा समाज के लोगों ने महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की। यह अच्छी बात है कि यह सोच यहां के सामाजिक पुरुषों ने ही सामने रखी और महिलाओं को प्रेरित किया कि क्या इस बार शक्ति दिवस में महिलाएं बागडोर संभालेंगे। महिलाएं राजी हो गई और फिर क्या था, पुरुषों ने भी उनका हौसला बढ़ाया। उन्हें पहले से प्रशिक्षण भी दिया गया कि कैसे आयोजन करना है, कैसे मंच संचालन, उद्बोधन आदि की जाती है। कम समय में ही महिलाओं ने सारी बारीकी समझी और आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित किया। हल्बा समाज का यह नवाचार जिले में पहली बार देखने को मिला। जो अन्य गांव के हल्बा समाज सहित अन्य समाज के लोगों के लिए भी महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए भी एक अच्छी सीख साबित हो सकती है।

बता दें कि इस आयोजन के अतिथि गांव की महिलाओं से ही बनाए गए थे। मुख्य अतिथि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीमा ठाकुर थी। अध्यक्षता भी गांव की महिला सरपंच फुल कुंवर नायक ने की। तो विशेष अतिथि रैमुन राणा, पुष्पा राणा, उर्मिला पटेल,जागेश्वरी मेरीया, राजकुमारी नायक, सूर्यजोतिन मेरीया, राजकुमारी रावटे, समोतीन ठाकुर, कविता मेरिया, तीजिया बाई मानकर थी। मंच संचालन आशा पटेल व मार्ग निर्देशन पंपा गांवरे ने किया। राष्ट्र की शक्ति नारी है, समाज की शक्ति नारी है, इस संदेश के साथ हल्बा समाज ने महिलाओं व नारी शक्ति को बढ़ावा देते शक्ति दिवस पर्व मनाया।

पुरुषों ने बढ़ाया हौसला

इस आयोजन के पूर्व महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें इसकी तैयारी में मार्गदर्शन समाज के पुरुषों ने ही दिया था। मार्गदर्शन मानसिंह मानकर, धनसिंह मेरिया, संत कुमार नायक, शगुन राम मेरिया, अश्वनी, राज कुमार, लखन रात्रे, नंदलाल सिंह मेरिया से मिला। बोड़की में हल्बा समाज के 62 परिवार निवासरत हैं।

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