DAILY BALOD NEWS

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नवा जतन कार्यक्रम से बच्चों की पढ़ाई की होगी भरपाई, जिले के शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

कार्यशाला में बच्चों के स्तर में सुधार के दिए टिप्स

बालोद। कोविड 19 महामारी के दौर में विश्व भर के साथ-साथ राज्य की शाला व अन्य शैक्षणिक संस्थाएं बंद थे। जिसका प्रभाव बच्चों के सीखने पर काफी ज्यादा परिलक्षित हो रहा है। शासन स्तर पर आयोजित सेतु पाठ्यक्रम अंतर्गत पढाई तुंहर दुवार, अंगना मा शिक्षा, बुल्टू के बोल जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के द्वारा बच्चों के शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करने के प्रयास किए गए पर फिर भी वांछित परिणाम प्राप्त नहीं हुए। गत 19 माह से बंद पड़ी शालाओं व मंथर गति से चल रही सीखने सिखाने की प्रक्रिया के बीच कई सर्वे की रिपोर्ट्स ने शिक्षा जगत के विद्वजनों को तीव्र गति से सुधारात्मक प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए उद्वेलित किया। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री से प्रेमसाय सिंह टेकाम के मार्गदर्शन में शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संचालक राजेश सिंह राणा के निर्देशन में “नवा जतन” के रूप में उपचारात्मक शिक्षण हेतु एक सशक्त हथियार तैयार हुआ। नवा जतन के अंतर्गत कक्षा स्तर से नीचे बच्चों की पहचान निदान व उपचार आत्मक शिक्षण कक्षा के कालांश अवधि में ही किस प्रकार से किया जाए इसके लिए टिप्स दिए गए हैं।


बच्चों के उत्तरोन्नयन हेतु सिक्स सी के विषय में उक्त प्रशिक्षण में बताया गया । जिला स्तर पर जिला बालोद में पूरे जिले के शैक्षिक समन्वयक एवं पीएलसी सदस्यों की उपचारात्मक शिक्षण प्रशिक्षण नवा जतन कार्यशाला की शुरुआत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के विवेकानंद सभागार में हुई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के आसंदी से बोलते हुए जिला शिक्षा अधिकारी पी सी मर्कले ने उपस्थित लोगों को उपचारात्मक शिक्षण के बारीकियों को समझने व पूरी तन्मयता से प्रशिक्षण प्राप्त करने की बात कही। उक्त कार्यक्रम डाइट दुर्ग के समन्वयक व जिला शिक्षा कार्यालय बालोद के सहयोग से आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम का समापन 17 दिसंबर को बीआरसी भवन बालोद में हुआ।समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरक़ले एपीसी द्वय जी एल खुर्श्याम, डीपी कोसरे डाइट दुर्ग के सहायक प्राध्यापक नदीम मोहम्मद सत्येन्द्र शर्मा व्याख्याता डाइट दुर्ग राज्य स्रोत समूह से उमेश दुबे समन्वयक डाइट दुर्ग, रघुनंदन गंगबोईर व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल जमरूवा बालोद विवेक धुर्वे व्याख्याता शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल ज सांकरा एवं एवं समस्त प्रशिक्षणार्थी सीएससी एवं पीएलसी उपस्थित थे। जिन्होंने संकुल स्रोत समूह के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में बालोद जिले के लगभग 300 प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय रुप से सहभागिता निभाई।

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