बालोद। जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम पोंडी में मातर महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दीपावली महापर्व में धनतेरस नरक चतुर्दशी दीपोत्सव गोवर्धन पूजा सहित भाई दूज मनाया गया ।

भाई दूज के अवसर पर मातर महोत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है । मातर महोत्सव का बड़ा धार्मिक महत्व छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रीति में दिखाई देती है। पंडित दानेश्वर मिश्रा ( मंडल महामंत्री भाजपा बालोद निवासी पोंडी) ने बताया कि मातर उत्सव बहुत ही हर्षोल्लास के साथ ग्रामीण जन मनाते हैं क्योंकि इसमें हम देवी देवता के साथ सीधे जुड़ते हैं तथा उनकी पूजा कर आशीर्वाद मांगते है।

प्रथम पहर में गौ माता के ऊपर कद्दू फेंका जाता है जो उसके पैर में आकर टूटता है। जिसको हम प्रसाद के रूप में खिचड़ी बनाकर के सभी ग्रामीण जन और जितने भी जनमानस होते हैं उन सब को प्रसादी के रूप में खिलाया जाता है। सरपंच मुरलीधर भुआर्य ने बताया कि इस आयोजन के लिए ग्रामीण स्तर पर बड़े ही जोर शोर से तैयारी की जाती है और सुबह से ही हमारे ग्वाल बाल राउत नृत्य करते हुए आयोजन पूरे ग्राम पर किया जाता है। तथा रात्रि सभी के सभी के मनोरंजन के लिए कार्यक्रम रखा जाता है। इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम राजनांदगांव के कार्यक्रम की प्रस्तुति रात 10 बजे हुई। जिसको सभी ग्रामीण जन सहित उपस्थित जनमानस ने बड़े ही आनंद के साथ लाभ लिया।
