
बालोद। शासन जहां एक ओर स्कूल शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए लाखों करोड़ों फंड का आवंटन करती है लेकिन मूलभूत सुविधा भवन को लेकर किसी तरह से ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके चलते बच्चे खतरे के नीचे अपना भविष्य गढ़ने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा बालोद ब्लाक के सांकरा ज हायर सेकेंडरी स्कूल में भी देखने को मिला है। जहां पर लगभग सभी कक्षा, यहां तक कि स्टाफ रूम, स्टोर रूम की दीवारें और छत भी इस तरह से दरक रही है कि कभी भी वहां से भरभरा कर मलबा गिर जाता है। पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। एक बार तो क्लास में पंखा तक गिर चुका था। इस तरह अनहोनी की आशंका के बीच बच्चे बैठ कर पढ़ाई करते हैं। लेकिन शासन की नाकामी है कि यहां की व्यवस्था और परेशानी उन्हें नजर नहीं आ रही है। शिक्षा विभाग के कान के नीचे जू तक नहीं रेंग रही है। तो वहीं स्थानीय स्कूल प्रबंधन का यह कहना है कि हम इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे चुके हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि खाली जानकारी देने से क्या होगा। इसके लिए सार्थक प्रयास किया जाना चाहिए। विभाग को इसे संज्ञान में लिया जाना चाहिए। यहां के जर्जर भवन व स्कूल में व्याप्त अन्य समस्याओं को लेकर जब सांकरा ज और जगन्नाथपुर के सरपंच द्वय वारुणी देशमुख व अरुण साहू ने निरीक्षण किया तो और भी कई परेशानी सामने आई। प्रमुख मुद्दा भवन की जर्जरता का था। खतरों से भरे भवन के नीचे बच्चे बैठ रहे हैं। बरसात में और ज्यादा दिक्कत होती है। दीवारें इस कदर से फट रही है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर बच्चों को वहां बैठाया जाता है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बैठाने के लिए और जगह भी नहीं है। यहां लगभग 550 बच्चे पढ़ते हैं। पर उनके लिए पर्याप्त कमरे नहीं है। ना ही मजबूत भवन।
क्या कहा बच्चों ने

छात्रा पायल व भवानी ने बताया कि जहां अभी बैठते हैं उनके ठीक ऊपर मलबा गिरते रहता है। कभी भी मलबा गिरने का डर सताता रहता है। इससे पढ़ाई करने में परेशानी होती है। ध्यान हमेशा दरार की ओर जाता है। बरसात में और ज्यादा डर रहता है ।शासन प्रशासन को हमारे स्कूल भवन को सुधारने के लिए ध्यान दिया जाना चाहिए।
क्या बोले सरपंच
जगन्नाथपुर के सरपंच अरुण साहू ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ के माध्यम से स्कूलों की मरम्मत करवाने से संबंधित प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है। उम्मीद करते हैं कि यहां की स्थितियों के बारे में हम अवगत कराएंगे और मरम्मत करवाने का प्रयास करेंगे। सांकरा ज के सरपंच वारुणी देशमुख ने कहा कि भवन की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है इसका मरम्मत करना भी बहुत मुश्किल लग रहा है। भवन को तोड़कर नया बनाने की जरूरत है। इसके लिए पहले से विभाग को प्रयास करना चाहिए ताकि समय रहते स्वीकृति मिले और फिर स्कूल सत्र समाप्त होने पर गर्मी के छुट्टी के दिनों में यहां नया भवन बनकर तैयार हो सके। वाकई में यहां समस्या बहुत विकराल हो चुकी है।
