DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

DBN फॉलोअप- हाथी के हमले से बालोद जिले में तीसरी मौत पर वन विभाग ने जारी की जांच रिपोर्ट, देखिये किस हद तक सामने आई घटना में ग्रामीणों की लापरवाही

वन विभाग द्वारा मृतक के परिजवारजन को प्रदान किया गया तत्कालिक सहायता राशि 25 हजार रूपए

बालोद। अड़जाल के जंगल में 2 दिन पहले हाथी के हमले से कुरुभाट के 48 वर्षीय किसान संतोष भुआर्य की मौत के मामले में वन विभाग द्वारा जांच रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें इस घटना के लिए प्रमुख रूप से ग्रामीणों की लापरवाही बताई गई है कि किस तरह से हाथियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़ रहे थे।
वनमंडल अधिकारी मयंक पाण्डेय ने बताया कि वन मंडल बालोद अंतर्गत 23 मई 2021 से अद्यतन दिनांक तक जंगली हाथियों के दल का वनमंडल बालोद के वनक्षेत्रों, जंगलों एवं रिहायशी क्षेत्रों में विचरण बना हुआ है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में हाथियों के दल का विचरण रहा है वहां वनमंडल स्तर पर अधिकारियों, कर्मचारियों का गठित दल हाथियों के विचरण क्षेत्र में जंगली हाथियों के दल की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए आसपास के ग्रामीणों को मुनादी, दीवार पर हाथियों से बचाव के सुरक्षात्मक उपायों का लेखन कार्य किया गया है।


वनमंडल अधिकारी ने बताया कि 12 सितंबर से 15 सितंबर 2021 तक हाथियों के दल का विचरण वन परिक्षेत्र दल्लीराजहरा के वनक्षेत्रों के अलावा ग्राम अड़जाल, दानीटोला, गुजरा, जमही, धोबनी, कुर्रूभाट, कुसुमकसा के आसपास विचरण था। उक्त क्षेत्रों में जंगली हाथियों के दल द्वारा ग्रामीणों के फसल को नुकसान पहुंचाए जाने पर ग्रामीणों द्वारा 14 सितंबर 2021 को एकत्रित होकर हाथियों के दल को उक्त क्षेत्र से भगाने हेतु फटाके, शोर, ढोल नगाड़े इत्यादि का प्रयोग कर हाथियों के दल को भगाने का योजना बनाया गया था। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर तत्काल वन परीक्षेत्र अधिकारी दल्लीराजहरा आर.के. नांदुलकर, वन परीक्षेत्र अधिकारी डौंडी अब्दुल वाहिद खान द्वारा हाथी निगरानी दल एवं वन अमला के साथ मौके पर पहुंचकर समूह के रूप में लाठियों से लैस ग्रामीणों को निरंतर समझाईश दी गई। अधिकारियों एवं वन अमला द्वारा दी गई समझाईश के उपरांत ग्रामीण शांत हो गए। वन परिक्षेत्र अधिकारी दल्लीराजहरा का अधिनस्थ अमला उक्त दिवस को ग्राम गुजरा, जमही एवं अड़जाल में तैनात रहा। उन्होंने बताया कि समझाईश के उपरांत 15 सितंबर 2021 को ग्राम गुजरा, जम्ही, कुर्रूभाट, धोबनी (ब) एवं अड़जाल के ग्रामीण अपरान्ह में फिर से जंगल की ओर जाने की चेष्टा की जानकारी स्थानीय वन अमले से प्राप्त हुई। पुनः उप वनमंडलाधिकारी दल्लीराजहरा विवेक शुक्ला एवं वन परीक्षेत्र अधिकारी दल्लीराजहरा आर.के. नांदुलकर तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थानीय कोटवार एवं अन्य की सहायता से समझाईश दिया गया कि किसी भी माध्यम से हाथियों के दल को परेशान न किया जाए तथा उन्हें यह भी आश्वासन दिया गया कि आपके फसल, संपत्ति नुकसान के संबंध में शासन के निर्देशानुसार क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रकरण तैयार कर शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान किया जाएगा। इस हेतु पुलिस सहायता भी ली गई। अथक प्रयासों के बाद भी कतिपय समूह वन क्षेत्र में प्रवेश हेतु चेष्टा कर ही रहे थे। वन मंडल अधिकारी पाण्डेय ने बताया कि 16 सितंबर 2021 को स्थानीय वन अमले को ग्राम कुर्रूभाट के एक व्यक्ति के गांव में ना होने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त ग्रामीण की तलाश ग्रामीणों एवं वन अमला द्वारा ग्राम गुजरा, अड़जाल के वन क्षेत्रों में किए जाने पर कक्ष क्रमांक पी.293 में एक अधेड़ व्यक्ति औंधी अवस्था में झाड़ियों के समीप पाया गया। जिसकी पहचान गोपीचंद भुआर्य द्वारा मृतक की पहचान अपने पिता संतोष भुआर्य आत्मज बिसौहा के रूप में की गई। उन्होंने बताया कि वन अमला, पुलिस अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति में कक्ष क्रमांक पी.293 में स्थल पंचनामा कर मृतक का शरीर पोस्टमार्डम हेतु स्वास्थ्य केंद्र डौण्डी भेजा गया। वन मंडल अधिकारी ने बताया कि वन विभाग द्वारा दिए जाने वाले तत्कालिक सहायता राशि 25 हजार रूपए उनके परिवारजन को प्रदाय किया गया है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जनहानि होने पर दी जाने वाली सहायता राशि हेतु जांच की कार्यवाही उपरांत नियमानुसार प्रकरण तैयार कर मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्रता से किया जाएगा।

इस तरह से हुई थी घटना- गुजरा के ग्रामीणों ने फोड़े पटाखे, गुस्साए हाथियों ने एक को मार डाला
जिले में हाथियों के हमले से तीसरी मौत है। इस बार लोगों की जमकर लापरवाही सामने आई। वन विभाग के अनुसार गुजरा के ग्रामीणों द्वारा जंगल में घुसकर पटाखे फोड़े जा रहे थे। ग्रामीणों को कई बार समझाया था लेकिन वे नहीं माने और फिर गुस्साए हाथियों ने ग्रामीणों को दौड़ना शुरू कर दिया। इस बीच ग्राम कुरुभाट का 48 वर्षीय किसान संतोष भुआर्य जो हाथी देखने आया था। वह हाथियों की चपेट में आ गया और हाथी ने उसे सूंड में लपेटकर ऐसे फेंका कि उसकी कमर टूट गई और मौके पर ही मौत हो गई। घटना का खुलासा दूसरे दिन हुआ। रात को सब घर आ गए थे लेकिन संतोष घर नहीं लौटा था। सुबह जब लोग उसे जंगल में घूमने गए तो उसकी लाश मिली। वन विभाग लगातार लोगों को सावधान करता है कि हाथियों से किसी तरह की छेड़खानी ना करें। लेकिन लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इस केस में भी ऐसा ही हुआ। बताया जाता है कि हाथियों का दल गुजरा के लोगों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा था। खाने के लिए हाथियों का दल गुजरा की ओर रहता था और वापसी में अड़जाल की जंगल की ओर चले जाते थे। इससे गुजरा के किसान नाराज थे और वह हाथियों को अपने इलाके से भगाने के लिए लगे हुए थे और फिर वे मौका पाकर जंगल में घुस गए और 2 बोरी से ज्यादा पटाखे लाकर फोड़ने लगे। पटाखों की आवाज से हाथी गुस्सा गए और फिर आक्रामक हो गए और यह घटना हो गई । वन विभाग द्वारा फिलहाल ₹25000 की तत्काल सहायता राशि दी गई है। मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। दल्ली व डौंडी रेंज के बीच अड़जाल व जमही के बीच जंगल में हाथी दल के द्वारा 48 साल के युवक संतोष भुआर्य को कुचल दिया गया । जिससे उसकी मौत हो गई है।

इधर ये सवाल बना हुआ है कि लगातार हाथी दल जिले में सक्रिय हैं। जंगलों, खेतों के अलावा गांव में भी उत्पात मचा रहे हैं। तो वहीं हाथियों से कुचले जाने की
डौंडी दल्ली इलाके में यह तीसरी घटना है। बता दें कि लगभग 9 माह पहले जिले के लिए लिमउडीह गांव में भी इसी तरह की घटना में एक 17 साल के लड़के की मौत हो गई थी। डौंडी ब्लॉक के लिए लिमाउडीह की रहने वाले डोमेन्द्र धुर्वे भी हाथियों से बचकर रात को भाग रहा था और अचानक उसकी टॉर्च गिर गई। अंधेरे में उसे ढूंढते समय वह हाथियों की चपेट में आ गया और हाथियों ने उसे कुचल कर मार डाला। इसके पहले नवंबर 2020 में भी वन विभाग के ही चौकीदार पर हाथियों ने हमला किया था। जो खुर्सीटिकुर में घटना हुई थी।

करीब 4 माह पहले हाथियों के दल ने बालोद के एक किसान को भी मौत के घाट उतार दिया था। मूल निवास बालोद का रहने वाला भगवान सिंह कुमेटी मंगलतराई में अपने भाई के साथ रहता था। खेती किसानी करता था। इस दौरान वह शाम रात को खेत गया था। जहां हाथियों ने उसे कुचल कर मार डाला था। इस तरह देखा जाए तो हाथियों द्वारा कुचले जाने से बालोद जिले में 3 मौत हो गई। वन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करता है कि हाथियों से किसी तरह की छेड़खानी ना करें उनसे दूरी बनाए रखें। पर लोग हैं की लापरवाही भी दिखा रहे हैं। इस वजह से भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही है।

You cannot copy content of this page