बालोद। मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी टुम्मन लाल विश्वकर्मा पिता मदन लाल विश्वकर्मा, उम्र 33 वर्ष निवासी-सिर्री, जिला-बालोद को भा.द.स. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, भा.द.स. की धारा 366 के आरोप में सात वर्ष का सश्रम कारावास भादस की धारा 376 के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 8000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर क्रमशः छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास और भुगतना होगा। प्रकरण विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) छन्नू लाल साहू के अनुसार सूचनाकर्ता पीड़िता के दादा है। जो थाना रनचिरई के अंतर्गत एक ग्राम में गाय बेला को चराने का कार्य करते हैं, उसके तीन लड़के है।
मझला बेटा एवं बहू की मृत्यु एक माह पूर्व हो गई थी. उनके दो लड़का, एक लड़की पीड़िता है। पीड़िता के माता-पिता की मृत्यु के पश्चात् उनका पालन पोषण उसके द्वारा किया जा रहा है। 6 जनवरी 2018 को घर में उसके दोनों बेटों की पत्नी परिवार के साथ खाना खा कर अलग कमरे में सोए थे। दूसरे दिन सुबह करीब 6 बजे उनको नतनिन उम्र 17 वर्ष ने उसे बतायी कि रात में वह बाथरूम करने उठी तो बिस्तर पर पीड़िता को नहीं देखी और घर का दरवाजा खुला था। फिर वह अपने बेटों के लाभ मिलकर आस पड़ोस एवं रिश्तेदारों के घर 15 वर्षीय पीड़िता का पता तलाश किये। किंतु कोई पता नहीं चला घर में उनका कपड़ा सामान भी नहीं या कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी नतनिन पीड़िता बहला फुसलाकर भगा ले गया है. उसके पश्चात पीडिता के दादा ने थाना रनचिराई में जाकर पीड़िता के गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया था। थाना रनचिराई द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ किया। जहां मोबाइल लोकेशन आधार पर सूरत गुजरात में पता चलने पर पुलिस अधिकारी द्वारा टीम गठित कर पीड़िता को आरोपी के कब्जे से बरामद किया गया। प्रकरण विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आए साक्ष्य व नाबालिक स्त्री की प्रेम करने मात्र से पीड़िता की सहमति महत्वहीन होने के आधार पर उक्त दंड से दंडित किया गया।
