
बालोद।
बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक में वैक्सीनेशन सेंटर की एक ऐसी बदहाली की तस्वीर सामने आई है जो स्वास्थ्य कर्मियों के संघर्ष को बयां कर रही है। इस अरमरीकला गांव के वैक्सीनेशन सेंटर का भवन काफी जर्जर हो चुका है। स्थिति बहुत खराब है। जगह-जगह से पानी टपक रहा है और टपकते पानी के बीच ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों का टीकाकरण करने के लिए डटे हुए हैं। यह उनके हौसलों की परीक्षा है जो वे इस तरह ड्यूटी कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस हालत से स्वास्थ्य विभाग ही नहीं बल्कि शासन प्रशासन भी वाकिफ है और सच्चाई उस वक्त भी सामने आ गई जब खुद अधिकारी इस वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे तो उनके सामने ही यहां छत से पानी टपक रहा था। जैसे तैसे कर्मचारी यहां ड्यूटी देकर लोगों को टीका लगा रहे थे। अधिकारियों ने भी इस भवन की मरम्मत की सख्त जरूरत बताई।
गुरुर ब्लॉक के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरमरीकला में टीकाकरण सत्र में लाभार्थियों का बहुत ही भीड़ देखने को मिल रहा है ।सभी लोग पंजीयन पश्चात अपना वैक्सीन लगवा रहे हैं और जिम्मेदारी दिखा रहे हैं।उसी दौरान में देखा गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य अरमरीकला की वैक्सीनेशन की सहायक बिल्डिंग का छत पूरी तरह जर्जर हो चुका है एवं वहां से बारिश का पानी धीरे-धीरे टपक रहा है। जिसके चलते वैक्सीनेशन में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बैठने के लिए जगह भी नहीं है। जगह पूरी तरह गीला हो चुका है एवं जहां वैक्सीन लग रहा है वहां भी पानी टपकने की वजह से वैक्सीनेशन में दिक्कत हो रही है ।
निरीक्षण में आये अफसरों ने खुद देखा हाल
इस समस्या को निरीक्षण के दौरान वहां पहुंचे बीपीएम योगेश साहू व बीईटीओ उर्वशा पहुँचे और उस समस्याओं को देखते हुए योगेश साहू ने कहा कि वास्तव में बारिश के दौरान यहां की छत से पानी टपक रहा है। जिसके चलते कई समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था जैसे कि त्रिपाल की कराया जाए एवं इस समस्याओं के निराकरण के लिए मैं उच्च अधिकारियों से बात करूंगा एवं उर्वशा ने कहा कि वास्तव में यह समस्या बहुत ही ज्यादा है और इस समस्या के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। साथ में पीएचसी अरमरीकला के आरएमए.सी.पी. देशमुख ने कहा कि इस भवन का मरम्मत का कार्य को हमने एक बार कराया था उसके बाद भी समस्या उत्पन्न हो रही है मरम्मत के कार्य के पश्चात इस समस्या के निराकरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किया जाएगा व उच्च अधिकारी को इस समस्या को अवगत करा कर निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करेंगे।

आरएचओ सुनीता मसके ने कहा बारिश के चलते टपकते छत पर वैक्सीनेशन का कार्य कर पाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किया जाए। निरीक्षण के दौरान वैक्सीनेटर दीपिका सिन्हा, अडील , पंजीयक विश्ववकर्मा ,कोमेश्वरी साहू,घनश्याम भारती , भुनिका साहू,अर्चना साहू,वेरिफायर मोहपत साहू रासेयो स्वयमसेवक प्रताप सिंह सार्वा, मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
