राजीव गांधी किसान न्याय योजना में हुआ जरूरी संशोधन, देखिये क्या बदला है किसानों के लिए

बालोद । फसल उत्पादन और विविधीकरण को प्रोत्साहित करने कृषि आदान सहायता हेतु ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देश में संशोधन किया गया है। कृषि अधिकारी ने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश के बिन्दु क्र.6 (1) में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब खरीफ वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले पंजीकृत कृषकों को योजनांतर्गत पंजीयन नहीं कराना है। खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को योजनांतर्गत पंजीयन कराना होगा। वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया था, यदि वह धान के बदले योजना में सम्मिलित अन्य फसल लगाता है, तो उसे योजनांतर्गत पंजीयन कराना होगा। इसी तरह दिशा निर्देश के बिन्दु क्रमांक 6(6) में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब संयुक्त खातेदार कृषकों का पंजीयन नंबरदार के नाम से किया जाएगा एवं इस संबंध में स्व-घोषणापत्र देना होगा।

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