आखिर क्यों भाजपा से नाराज हो गया है यादव समाज,युवा मोर्चा में लगाया गलत नियुक्ति का आरोप, समाज के पदाधिकारी बोले शक्ति प्रदर्शन की नौबत आई तो वह भी करेंगे, आरोप पर क्या बोले अध्यक्ष देखिये खबर



बालोद
भाजपा द्वारा बालोद जिले में जिला कोसरिया राउत यादव महासभा के नेताओं को नेतृत्व ना दिए जाने व उनकी उपेक्षा किए जाने से नाराजगी बढ़ गई है। हाल ही में की गई विभिन्न भाजयुमो कार्यकारिणी की घोषणा में भी यादव समाज के कुछ जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की गई है तो वही समाज द्वारा यह चेतावनी भी दी जा रही है कि अगर भविष्य में समाज के हित में जरूरत पड़े तो कोसरिया यादव समाज शक्ति प्रदर्शन की तैयारी भी बालोद में कर रहा है। तो वही बालोद जिले में समाज को नेतृत्व ना दिए जाने की शिकायत समाज के पदाधिकारियों के द्वारा मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित भाजपा के उच्च पदाधिकारियों से भी करने की बात कही जा रही है। इस संबंध में सोमवार को बालोद शहर में एक आवश्यक प्रेसवार्ता भी रखी गई थी। समाज के अध्यक्ष चंद्रहास यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दृष्टि से आज पूरे जिले में 60000 से अधिक संख्या होने के बावजूद राजनीतिक दलों में हमारी भूमिका शून्य दिखाई देती है। पूर्व में राजनीतिक दलों से समय समय पर उचित प्रतिनिधित्व की मांग की गई जिसे दरकिनार किया गया। जिससे समाज में आक्रोश की भावना है। हमारे समाज बहुत पहले से एक बड़ी संख्या में गौ माता की सेवा व गौ माता की देखरेख में अपना समय व्यतीत करते हैं। जो गोपालन से जुड़ी सारी जानकारी हमें होती है। हम सरकार से मांग करते हैं कि हमारे समाज के लोगों को गौठान समिति, दूध डेयरी एवं पशु औषधालय में प्राथमिकता दी जाए। आज की दृष्टि से हमारा समाज बालोद जिले में एवं प्रदेश में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में एक मात्र नगरपालिका उपाध्यक्ष अनिल यादव बालोद से हैं। एक तरफ कांग्रेस संगठन में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष भी बनाया गया। जो हमारे समाज के लिए गौरव का विषय है। तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में एकमात्र जिला पंचायत सदस्य नीतीश मोंटी यादव भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के गढ़ में जीत का परचम लहराए हैं। पूर्व में युवा मोर्चा ने जिला मंत्री का दायित्व निभाया व युवाओं को पार्टी से जोड़ा। हाल ही में हुए भाजपा युवा मोर्चा के गठन में हमें निराशा हुई।जिला पंचायत चुनाव में भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले को जिला युवा मोर्चा में स्थान दिया गया है। जबकि हमारे समाज के युवा मोंटी यादव को उनके पूर्व पद के और नीचे जगह दी गई ।जिस प्रकार का राग द्वेष युवा मोर्चा के गठन में देखा गया जो भाजपा जिला नेतृत्व की मानसिकता को दर्शाता है। इस कदम से समाज खुद को ठगा हुआ महसूस करता है।
कोसरिया यादव समाज ने शिकारीपारा स्थित अपने भवन में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की थी। जिसमें समाज के जिलाध्यक्ष चंद्रहास यादव ने जिले के भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी बातों को रखा। समाज ने कहा कि इस बालोद जिला में हमारे समाज के 60000
लोग राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं परंतु राजनीति में हमारे समाज का प्रतिनिधित्व किसी भी पार्टी में कम है। इसी कारण से आज हम अपनी बातों को कहने आए हैं। भाजपा की ओर जब हम नजर घुमाते हैं तो हमारा समाज को ठगा हुआ महसूस करते हैं। आज पूरे प्रदेश में हमारे समाज का एक युवा नीतीश यादव जो एकमात्र जिला पंचायत सदस्य है जो पूर्व में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा का जिला मंत्री का दायित्व निभा चुका है और अपने जिला पंचायत क्षेत्र में पहली बार भाजपा का झंडा लहराने का काम भी हमारे समाज के युवा ने किया है लेकिन लगातार हमारे समाज और हमारे समाज के युवाओं के साथ जिला भाजपा का नेतृत्व दूर व्यवहार कर रहा है आज जहां युवा मोर्चा के गठन में उन्हें प्रमुख पद दिया जाना था जिसकी मांग हमारे युवाओं द्वारा की गई थी। परंतु लगातार जिला ने भाजपा का नेतृत्व उनकी अनदेखी कर रहा है और तो और उन्होंने हमारे जख्मों में नमक छिड़कने का काम किया है।जिस क्षेत्र में कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था वहां से जिला पंचायत का चुनाव जीत कर आने वाले हमारे युवा साथी भाजपा का झंडा लहराया और उस चुनाव में एक युवा जो भाजपा के झंडे के खिलाफ लड़ा उसे पार्टी में बाहर का रास्ता दिखाने के बजाय हुए युवा मोर्चा के गठन में जिले में प्रमुख दायित्व दे दिया। जो भाजपा जिला बालोद की चाल चरित्र और मानसिकता को दर्शाता है। हम यही मांग करते हैं हमारे समाज को इस बालोद जिला में भी कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा में भी स्थान मिले। इसी मांग को लेकर हम लोगों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी है और अगर जिला नेतृत्व हमारी बातों पर ध्यान नहीं देता है तो आने वाले दिनों में हम इस प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जी के पास और भाजपा के उच्च पदाधिकारियों के पास हमारे समाज के गौरव फूलबासन यादव व अन्य समाज के पदाधिकारियों के नेतृत्व में जाकर इस विषय को उनके समक्ष रखेंगे। अध्यक्ष ने कहा आपको आज एक बात और बताना चाहूंगा कि हमारा समाज बालोद के तीनों विधानसभा में नतीजों को प्रभावित करने वाला समाज है परंतु यह अनदेखी हम सब को बर्दाश्त से बाहर है और इस अनदेखी से जिला यादव समाज का एक-एक व्यक्ति सहित पूरे प्रदेश के कोसरिया यादव समाज आक्रोशित है।

इधर भाजपा जिला अध्यक्ष का ये है कहना
भाजपा के जिला अध्यक्ष कृष्ण कांत पवार का कहना है राजनीतिक एकजुटता दिखाने के लिए यादव समाज को बधाई। यादव समाज के 7 लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। समय समय पर पदों में परिवर्तन होता रहता है। नीतीश मोंटी यादव को भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत के लिए अधिकृत प्रत्याशी बनाकर उसका सम्मान भी किया था और उसे चुनाव जिताने के लिए भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने अथक प्रयास किया है और उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए उनको जिला कार्यकारिणी में स्थान दिया गया। कुशाल यादव, सूरज यादव सहित जैसे अनेक कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी किसी के सम्मान को बनाए रखने में सहयोग करती है। और मुझे लगता है कि नीतीश मोंटी यादव को जिला पंचायत का टिकट देकर इसे जितवा कर यादव समाज का सम्मान बढ़ाया गया है। उसका अहम दायित्व है कि जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र में वर्तमान कांग्रेसी विधायक कुंवर सिंह निषाद का मजबूत विपक्ष बनकर सामना करना है। उसमें वे अधिक से अधिक समय दें और काम करें और अपने अपने दायित्वों को पूरा करे ताकि आने वाला भविष्य उज्जवल हो। कोई पद छोटा या बड़ा नहीं होता। बैठकों में उनके अनुभव का लाभ भारतीय जनता पार्टी को निश्चित ही मिलेगा। ऐसी हम अपेक्षा रखते हैं और भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद यादव समाज को यह आश्वस्त करती है कि आगे भी यादव समाज के ही नहीं बल्कि सभी समाज के लोगों को बराबर ध्यान रखा जाएगा और उचित स्थान देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि किसी समाज की भावना को ठेस ना लगे। वहीं उन्होंने इस आरोप कि जिसे नीतीश ने चुनाव में हराया था उसे भी भाजपा में शामिल होने पर बड़ा पद दिया गया है। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह कोई बड़ा पद नहीं है। उसे प्रशिक्षण विभाग का प्रमुख बनाया गया है। वह एक विंग है।

यह भी जाने- नीतीश यादव पिछले चुनाव के समय निर्दलीय लड़े थे चुनाव, भाजपा के प्रत्याशी हारे, जीत हुई थी कांग्रेस की

ज्ञात हो कि पिछले जिला पंचायत चुनाव के समय नीतीश मोंटी यादव भाजपा में नहीं थे। वे उस समय निर्दलीय चुनाव लड़े थे। उस समय भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी टोमन साहू थे तो कांग्रेस से आलोक चंद्राकर। इस त्रिकोणीय संघर्ष में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। और कांग्रेस से आलोक चन्द्राकर जीते थे। नीतीश को 4000 वोट मिले थे। पर इसके बाद भी बाद में टोमन साहू ने अगले चुनाव में भाजपा से नीतीश मोंटी यादव के नाम का अनुशंसा करते हुए उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बनाने जोर दिया था और भाजपा ने उन्हें टिकट भी दिया था। इसके साथ ही पूर्व में नीतीश मोंटी यादव को भाजपा के जिला युवा मोर्चा में जिला मंत्री के पद पर पदस्थ किया गया था।

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