DAILY BALOD NEWS

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लकड़ी ठेकेदारों की ऐसी दबंगई- ट्रैक्टर में ले जा रहे थे लकड़ियां, जब्ती बनाने वनरक्षक ने पकड़ा तो ठेकेदार और उनके साथियों ने हाथ मरोड़ की मारपीट, गुरुर पुलिस ने ठेकेदार को भेजा जेल

बालोद/ गुरुर।

गुरुर क्षेत्र में लगातार बड़े अपराध की घटना सामने आ रही है। अब नया मामला इस क्षेत्र में लकड़ी तस्करों की दबंगई का सामने आया है। जिन्होंने वन विभाग को कार्रवाई करने से रोका और इतना ही नहीं जिसने उनकी लकड़ियों को पकड़ा था उस वनरक्षक का हांथ मरोड़ कर पिटाई भी कर दी। मामले में अरमरीकला नर्सरी क्षेत्र के वनरक्षक यशवंत कुमार साहू की रिपोर्ट पर गुरुर पुलिस ने लकड़ी ठेकेदार महंगू निषाद निवासी कोसागोंदी सहित अन्य दो लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। लकड़ी तस्करों की दबंगई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस लकड़ी को जब्ती करने के लिए वनरक्षक ट्रैक्टर सहित ले जा रहा था उसे रास्ते में ट्रैक्टर को रुकवा कर ट्रैक्टर को ही छीन कर भाग गए और उल्टा वनरक्षक को रोककर उसके साथ मारपीट करने लगे। वनरक्षक ने बताया कि वे उन्हें जान से भी मार सकते थे अगर वहां से अपनी जान बचाकर नहीं भागते। ठेकेदार और उनके साथी उनका हाँथ मरोड़कर खड़े थे और चाकू और पेचकस निकालने की बात कर रहे थे। इस बीच मैंने खुद को छुड़ाकर वहां से भागा। दबंगई इतनी हद तक थी कि जब वनरक्षक ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी और अधिकारी जब घटनास्थल पर पहुंचे तो ठेकेदार अपनी ट्रैक्टर और लकड़ियां लेकर फरार हो चुका था। मामले की जानकारी फिर डिप्टी रेंजर यादव राम मंडावी ने उच्च अधिकारियों को दी फिर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मामले में एफ आई आर के निर्देश दिए गए। जिसके बाद सोमवार को गुरुर पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। तो वही कार्रवाई के दौरान मामले में दबाव देखते हुए ठेकेदार ने लकड़ियों से भरी ट्रैक्टर को भी पुलिस को सौंप दिया है। आगे की कार्यवाही वन विभाग व पुलिस विभाग दोनों कर रही है।

ठेकेदारों के हौसले बुलंद

ये घटना यह साबित कर रही है कि लकड़ी तस्करों व ठेकेदारों के हौसले किस तरह से बुलंद है। उन्हें ना वन विभाग का डर है ना राजस्व विभाग का। अगर कोई उनके काम में रुकावट डालता है तो वह उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश भी करने लग जाते हैं।इस घटना के बाद से वनरक्षक यशवंत कुमार साहू काफी डरा सहमा है और उसने अपनी सुरक्षा व परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन को आवेदन भी दिया है। उक्त लकड़ियों की तस्करी कोसागोंदी से सियनमरा सतमरा की ओर हो रही थी।

पुलिस का यह कहना

मामले में विवेचक सहायक उपनिरीक्षक धानेश्वर साहू ने बताया यशवंत कुमार साहू वन रक्षक निवासी ग्राम भिरई की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ धारा 186, 353, 332, 294,506,34 के तहत केस दर्ज हुआ। मुख्य आरोपी महंगू राम निषाद को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

वन रक्षक ने बताई अपनी आपबीती


वन रक्षक यशवंत ने बताया वन परिक्षेत्र कार्यालय गुरूर के अंतर्गत वन रक्षक के पद पर पदस्थ हूं, परिसर रक्षक मंगचूवा एवं अतिरिक्त कार्य क्षेत्र सिंचित वृक्षारोपण क्षेत्र अरमरीकला में कार्यरत हूं। 30 मई को प्रात: 8 बजे कार्यक्षेत्र अरमरीकला जा रहा था। ग्राम मोहारा आचार फैक्ट्री के सामने पहूंचा था तभी अरमरीकला तरफ से बिना नम्बर के ट्रेक्टर सोनालिका DI-740 से ट्राली में प्रतिबंधित गीला कहुवा लकड़ी ले जा रहा था, जिसे रोक कर लकड़ी ले जाने के संबंध में दस्तावेज पेश करने कहा। दस्तावेज पेश नही करने पर ट्रेक्टर इंजन व ट्राली को चालक सेवक राम निवासी कोसागोंदी के साथ लेकर आ रहा था। करीबन 9 बजे ग्राम भोथली बिजली ऑफिस के पास पहूंचा था तभी कोसागोंदी निवासी मंहगूराम निषाद, देवनारायण निषाद मोटर सायकल से आया और गाड़ी को रोकवाकर चालक सेवक राम के साथ मिलकर तीनो एक राय होकर शासकीय कार्य में बाधा डालकर मुझे गाली गलौच कर धक्का मुक्की दिया।

इस दौरान मैंने मामले की जानकारी उच्च अधिकारी को फोन पर दी उन्होंने जप्तीनामा बनाने कहा। जिसके लिए ट्रेक्टर डाईवर व अन्य 03 व्यक्तियों का जो ट्रेक्टर में सवार थे उनका नाम व पता पूछा किन्तु उन्होने अपना नाम व पता नही बताया। तब मैं ट्रेक्टर को लेकर वन विभाग गुरूर लाने हेतु कहा। ट्रेक्टर को लेकर गुरूर आ रहे थे तभी अचानक भोथली बिजली ऑफिस के पास चौंक पर कोसागोंदी निवासी मंहगूराम निषाद, सेवक राम निषाद एवं देवनारायण निषाद मोटर सायकल से आया और गाडी को रोकवाया और मेरे साथ गाली गलौज करने लगा तथा धक्का मुक्की करने लगा। तभी मंहगूराम के द्वारा मेरे दोनों हाथ पकडकर मोड़ दिया तथा अपने साथियों को कहने लगा कि रस्सी लावो हाथ बांधो और मारो तथी ड्राईवर सेवक एवं देवनारायण निषाद ने पेचकस व डंडे निकालकर मुझे मारने की कोशिश की। तभी मैने अपना हाथ छुडाकर वहां से भागकर कुछ दूरी पर जाने के बाद पुन: मैने घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी को दिया। तब गुरूर वन विभाग से सहायक परिक्षेत्र अधिकारी गुरूर एवं अन्य कर्मचारी मौके पर पहूंचे। तब तक मंहगूराम निषाद के द्वारा लकड़ी से भरी ट्रेक्टर को वहाँ से भगा दिया गया। इस तरह से मेरे साथ मंहगूराम निषाद, सेवक राम निषाद, देवनारायण निषाद द्वारा शासकीय कार्य में बाधा पहूंचाना एवं मेरे ऊपर प्राण-घात हमला करने कारण में बहुत डरा हुआ है। क्योकि मेरा कार्यक्षेत्र अरमरीकला सिंचित वृक्षारोपण क्षेत्र है और मुझे प्रतिदिन अपने कार्यक्षेत्र में आना जाना पडता है। और ये तीनो व्यक्ति ग्राम कोसागोंदी का रहने वाले है जो कि अरमरीकला से लगा हुआ ग्राम है। मेरे ऊपर फिर कभी भी प्राण-घात हमला कर सकता है ये तीनों व्यक्तियों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है।

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